लखनऊ। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब चलती ट्रेन में कथित रूप से नकली पानी बेचने वाले वेंडरों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई ट्रेन संख्या 12420 में ड्यूटी पर तैनात टीटीई मनोज कुमार सिंह की सतर्कता से संभव हो सकी।
जानकारी के अनुसार, टीटीई को शिकायत मिली थी कि कुछ वेंडर यात्रियों को संदिग्ध गुणवत्ता का पानी बेच रहे हैं और निर्धारित मूल्य से अधिक रकम भी वसूल रहे हैं। शिकायत की जांच के दौरान टीटीई ने वेंडरों को रंगे हाथों पकड़ लिया और तत्काल इसकी सूचना आरपीएफ चारबाग को दी।
सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित वेंडरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। रेलवे प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर संबंधित वेंडरों से 2,000 रुपये का जुर्माना भी वसूला।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को अधिक कीमत पर सामान बेचना और नकली अथवा संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कोई वेंडर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले या संदिग्ध गुणवत्ता का खाद्य पदार्थ अथवा पानी बेचता मिले तो इसकी सूचना तत्काल टीटीई, आरपीएफ या रेलवे हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


