लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित पत्रकारपुरम चौराहे पर संचालित वात्सल्य मेडिकल एंड हार्ट सेंटर पर मानवता को शर्मसार करने वाले गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने डेढ़ साल की मासूम आस्था गुप्ता की मौत के बाद 7,400 रुपये के बकाया बिल के भुगतान तक शव देने से इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि उपचार में लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जाने लगे तो अस्पताल प्रशासन ने बकाया राशि जमा करने की शर्त रख दी।
परिजनों के अनुसार अस्पताल कर्मचारियों ने साफ कहा, “पहले 7,400 रुपये जमा करिए, फिर बॉडी ले जाइए।” इस आरोप के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक मासूम की मौत के बाद भी अस्पताल ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और पैसों के लिए शव रोक लिया।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शव रोकने और इलाज में लापरवाही के आरोपों में कितनी सच्चाई है।


