– कई दस्तावेज कब्जे में
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता और धन गबन प्रकरण की जांच अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी ) ने लगातार दूसरे दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने कई अहम दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai और वरिष्ठ पदाधिकारी Gopal Rao से लगातार दूसरे दिन विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ के दौरान चढ़ावे की गणना, नकदी प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने अब तक लगभग 40 कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। कर्मचारियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों के बयानों से जांच को नई दिशा मिली है और कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े अभिलेख, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों को भी कब्जे में लिए जाने की चर्चा है। हालांकि आधिकारिक रूप से जब्त दस्तावेजों की संख्या और प्रकृति को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन और नकदी प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच जांच के दायरे में ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार चंपत राय के चालक टिन्नू से भी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान नकदी के आवागमन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई।
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार कुछ बयानों में ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी अनिल मिश्रा के पास नकदी प्रबंधन और चढ़ावे की राशि की जिम्मेदारी होने की बात कही गई है। हालांकि इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस प्रकरण को लेकर अयोध्या के तीन अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज बताई जा रही हैं। इसके बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जांच एजेंसियां पहले दस्तावेजी साक्ष्य, वित्तीय रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को मजबूत करने में जुटी हैं, ताकि आगे की कार्रवाई ठोस आधार पर की जा सके।
राम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद की जांच को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। यही कारण है कि एसआईटी हर पहलू को सावधानीपूर्वक परख रही है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। कुछ और कर्मचारियों, पदाधिकारियों तथा संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच एजेंसियां वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और नकदी प्रबंधन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही हैं।
फिलहाल रामनगरी में सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में जांच की जद आखिर कहां तक पहुंचेगी और क्या एसआईटी उन सभी सवालों के जवाब तलाश पाएगी, जिनकी चर्चा पिछले कई दिनों से पूरे देश में हो रही है। जांच की अगली रिपोर्ट और संभावित खुलासों पर अब सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


