नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने प्रोजेक्टर पर खड़गे के भाषण का वीडियो दिखाते हुए कहा कि यह केवल खड़गे का नहीं, बल्कि देश में दलितों के सम्मान और अधिकारों का मुद्दा है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा के दो दिन बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धीकरण किया। उन्होंने कहा कि घटना के करीब 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। राहुल ने प्रधानमंत्री से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में आज भी दलितों के साथ भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने स्कूलों में बच्चों से सफाई कराने, सार्वजनिक कुओं से पानी नहीं लेने देने और शादी में दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठने से रोकने जैसी घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “अनटचेबिलिटी एक अपराध है” और खड़गे के साथ हुई घटना को इसी मानसिकता से जोड़कर कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, इस मामले में आयोजकों की ओर से कहा गया है कि मंच का शुद्धीकरण धार्मिक कारणों से किया गया था और इसका जातिगत भेदभाव से कोई संबंध नहीं था। उनका आरोप था कि धार्मिक मंच का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया और धार्मिक मर्यादा का पालन नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक संगठन के बयान से ज्यादा कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि खड़गे के साथ हुई घटना में न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।


