नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर आफत बन गया है। मध्यप्रदेश के चित्रकूट में 18 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंचाई पर उफान मार रही है। तेज बहाव में रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया, जिससे इलाके में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। सतना, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
चित्रकूट में गोरगी बांध से पानी आने के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया है। सतना-चित्रकूट मार्ग कई स्थानों पर बंद है। टोन्स हाइडल परियोजना से पानी छोड़े जाने की आशंका के चलते 36 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से 16 जिले पहले ही बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने 47 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। झांसी के टोडी फतेहपुर में पथराई नदी उफान पर आने से बस स्टैंड समेत घरों और दुकानों में करीब 8 फीट तक पानी भर गया। लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। प्रयागराज में बारिश के दौरान जॉर्ज टाउन स्थित स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा भी ढह गया।
बिहार में गंगा और गंडक नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से 50 हजार से अधिक घर प्रभावित बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 11 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। ओडिशा के तीन जिलों में 67 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और उत्तरी व तटीय हिस्सों में 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश जारी है। रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 67 सड़कें बंद हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा में भी नाले उफान पर हैं और कई घरों में पानी घुस गया है।
वहीं राजस्थान में मानसून कमजोर रहने से 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हैं। जयपुर, टोंक और अलवर समेत 15 शहरों में तापमान 35 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। देश के कई राज्यों में बाढ़ और भारी बारिश के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।


