अमृतपुर/फर्रुखाबाद
राजेपुर-डबरी मुख्य मार्ग पर चल रहा अधूरा सड़क निर्माण कार्य अब सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। सोमवार को हुई बारिश ने विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती की पूरी तस्वीर सामने ला दी। सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव ने इसे दलदल में बदल दिया है, जिससे आम जनता का चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क कई महीनों से अधूरी पड़ी है, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा न तो कार्य में तेजी लाई गई और न ही गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया। बारिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सड़क पर बने गड्ढे तालाब जैसे दिखाई दे रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं, जबकि पैदल चलने वाले लोग जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है। बच्चों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित अधिकारियों ने इस समस्या को नजरअंदाज किया।
लोगों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं करता। ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी के चलते सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।


