लखनऊ। मानसून की विदाई से पहले उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बारिश और बाढ़ ने कहर बरपा दिया है। शुक्रवार को लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और झांसी समेत 20 शहरों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं और 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। करीब चार लाख की आबादी प्रभावित बताई गई है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं पुल, पुलिया और रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है।
बदायूं में गंगा के तेज कटान की चपेट में आने से पंचायत घर का हिस्सा नदी में समा गया। बुलंदशहर में गंगा की तेज धार ने पक्का श्मशान घाट और करीब 10 मीटर लंबी आरसीसी सड़क को बहा दिया। बरेली में रामगंगा की कटान से प्राचीन मंदिर नदी में समा गया। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी पुलिस चौकी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में घुस गया। बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और कई मकान कटान की भेंट चढ़ चुके हैं।
फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और 111 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा और रामगंगा के उफान के कारण बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग का करीब 400 मीटर हिस्सा जलमग्न हो गया है। सड़क पर एक फुट से अधिक पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित है। मिर्जापुर में नदी-नालों के उफान से कई पुल और रपटों पर आवागमन बंद हो गया। दुकानों और बैंक तक में पानी घुस गया।
लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गोमती नदी का पानी घुस गया है। धान, गन्ने और सब्जियों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर भी पानी बह रहा है। कानपुर-उन्नाव सीमा पर गंगा की बाढ़ से कई गांव प्रभावित हैं। कई जगह नाव के सहारे लोगों की आवाजाही हो रही है। गोंडा में घाघरा-सरयू के उफान से करीब 30 हजार लोग प्रभावित हैं, जबकि बाराबंकी में कटान आबादी तक पहुंच गया है।
उधर, लगातार बारिश से कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रयागराज में जलभराव के बीच गहरे गड्ढे में बाइक जा घुसी, जिसमें युवक बाल-बाल बचा। कानपुर में लोक निर्माण विभाग के संयंत्र में पानी भरने से करीब 12 सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हुआ है। मुरादाबाद में लगातार जलभराव के बीच तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मैदान में उतरकर सड़कों की स्थिति देखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुधार केवल गड्ढे भरने तक सीमित न रहे। जहां जरूरत हो, वहां बरसात के बाद स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों की मरम्मत पूरी करने के भी निर्देश दिए गए।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण अगले दो दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। शनिवार को प्रदेश के 60 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मानसून की विदाई से पहले हुई इस बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की चुनौती फिर बढ़ा दी है।


