नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बच्चों को लगाए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण टीकों की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण की 147वीं बैठक में बीसीजी , खसरा और एमआर वैक्सीन की कीमतों में संशोधन का निर्णय लिया गया। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत करोड़ों बच्चों को नियमित रूप से ये टीके लगाए जाते हैं।
बीसीजी, खसरा और एमआर वैक्सीन बच्चों को टीबी, खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इन बीमारियों से बच्चों में मृत्यु और गंभीर जटिलताओं का खतरा बना रहता है, इसलिए टीकाकरण कार्यक्रम में इनका विशेष महत्व है।
सरकार का कहना है कि वैक्सीन निर्माण में बढ़ती लागत, कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और उत्पादन संबंधी खर्चों को देखते हुए कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था। इससे वैक्सीन निर्माताओं को उत्पादन बनाए रखने और आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आने में मदद मिलेगी।
भारत का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में शामिल है। हर वर्ष करोड़ों बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीके निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, इसलिए आम नागरिकों पर इस निर्णय का सीधा असर सीमित रहने की संभावना है। हालांकि निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में वैक्सीन लगवाने वालों को बढ़ी हुई कीमतों का प्रभाव महसूस हो सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। यदि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद कीमतों में संशोधन नहीं किया जाता, तो भविष्य में आपूर्ति प्रभावित होने का जोखिम पैदा हो सकता है।
देश में टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार अभियान चला रही हैं। मिशन इंद्रधनुष सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से उन बच्चों तक भी टीके पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है जो नियमित टीकाकरण से छूट जाते हैं। ऐसे में वैक्सीन की निर्बाध उपलब्धता सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि कीमतों में बदलाव की खबरों से भ्रमित न हों और बच्चों का निर्धारित टीकाकरण समय पर अवश्य कराएं, क्योंकि टीके बच्चों को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।


