– डीएम डॉ अंकुर लाठऱ नें खुद संभाली कमान
– बोलीं लापरवाही बर्दास्त नहीं
फर्रुखाबाद। जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बार फिर व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार जून से सितंबर तक संचालित होने वाले सम्भव अभियान 6.0 की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान का उद्देश्य गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान की कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है।
अभियान के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन और लंबाई मापन कराया जाएगा। गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा तथा उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराकर उन्हें कुपोषण की गंभीर श्रेणी से बाहर लाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, वृद्धि निगरानी और पोषण ट्रैकर ऐप पर आंकड़ों का नियमित फीडिंग कार्य भी किया जाएगा। छह माह से अधिक आयु के बच्चों के अभिभावकों को पूरक आहार, संतुलित पोषण और शिशु देखभाल संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा।
जनपद ने पिछले वर्षों में इस अभियान के प्रभावी संचालन में प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2024 में जनपद को प्रदेश में चौथा स्थान और वर्ष 2025 में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। अब वर्ष 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हाल ही में सम्भव अभियान 5.0 में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी शमसाबाद मीनाक्षी सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सोनी शर्मा तथा सहायिका मालती शर्मा को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया था। यह सम्मान महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य द्वारा प्रदान किया गया।
जनपद स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सम्मानित करते हुए कहा कि समन्वित कार्ययोजना, जनसहभागिता और प्रभावी निगरानी के माध्यम से फर्रुखाबाद को इस वर्ष प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में सम्भव अभियान 6.0 की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई तथा ग्राम पंचायत स्तर तक जनजागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के बेहतर समन्वय और अभियान के सफल संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषण के कारण पीछे न रह जाए और प्रत्येक परिवार तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचे।


