– मौत के बाद वायरल हुआ पुराना पोस्ट, लिखा था “मेरा परिवार बर्बाद कर दिया”
– आकस्मिक मौत के पीछे छिपे हजारों राज?
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव अपने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो बड़े भाई अखिलेश यादव से बहुत प्यार करते थे,अपनी पत्नी अपर्णा का बीजेपी में जाना उन्हें कतई अच्छा नहीं लगा था,जिस कारण उनकी नोक झोंक भी अक्सर रहती थी। बीते कुछ माह पूर्व भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष को अपने घर बुलाकर तिलक वंदन करना भी उन्हें रास नहीं आया था उन्होंने कहा था की एक राजघराने में किसी छोटे नेता है का वंदन हमारे परिवार की मर्यादा के अनुकूल नहीं है।
मौत के बाद अब उनका एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे राजनीतिक और सामाजिक माहौल को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा था “मेरा परिवार बर्बाद कर दिया गया, मेरी मानसिक स्थिति खत्म हो चुकी है।”
सूत्रों के मुताबिक उस पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि “स्वार्थ और प्रभावशाली बनने की चाह में मेरा परिवार तोड़ दिया गया।” पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद प्रतीक यादव ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी थी। वीडियो में उन्होंने कहा था कि उनके और अपर्णा यादव के बीच सब सामान्य है और कुछ लोग जानबूझकर मामले को बढ़ा रहे हैं। उस दौरान उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया था। लेकिन अब उनकी मौत के बाद वही पुराना पोस्ट फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
करीबी सूत्रों का दावा है कि प्रतीक यादव पिछले कई महीनों से गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रहे थे। पारिवारिक और निजी जीवन में चल रहे तनाव का असर उनकी मानसिक स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से परेशान चल रहे थे और उनका जीवन सामान्य नहीं चल पा रहा था।
प्रतीक यादव हमेशा सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन यादव परिवार के भीतर उनकी भूमिका और पारिवारिक समीकरण हमेशा चर्चा में रहे। अब उनकी मौत और वायरल पोस्ट ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन और परिवार की ओर से मौत के कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटना ने बड़ी हलचल पैदा कर दी है।


