फर्रुखाबाद। जनपद में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर वन्देमातरम किसान यूनियन ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नन्दकिशोर दुवे ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार किसानों और आम जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेती-किसानी का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हैं। खेतों की जुताई, इंजन से सिंचाई और कृषि उत्पादों की ढुलाई—हर क्षेत्र में लागत बढ़ने से किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
नन्दकिशोर दुवे ने आरोप लगाया कि सरकार किस्तों में जनता को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी कर आम जनता के विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब देश का किसान और आम नागरिक सरकार की नीतियों को समझ चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन व्यवस्था, रोजमर्रा की वस्तुओं और बाजार भाव पर पड़ता है, जिससे समाज का हर वर्ग प्रभावित होता है। पहले रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा आम आदमी की कमर तोड़ रहा है।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुनाव के दौरान किए गए वादों का जिक्र करते हुए कहा कि महंगाई कम करने और जनता को राहत देने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वर्तमान हालात बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भड़की वन्देमातरम किसान यूनियन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना


