लखनऊ। राजधानी में सोमवार को विधानसभा के सामने उस समय सनसनी फैल गई जब हरदोई जिले से आए एक पीड़ित परिवार ने आत्मदाह का प्रयास कर दिया। हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में हुई इस घटना से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए परिवार को आग लगाने से रोक लिया और सुरक्षित हिरासत में ले लिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके साथ चोरी और मारपीट की गंभीर घटना हुई थी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हरदोई के संडीला थाने में उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस और प्रशासन के कई चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने से परेशान परिवार आखिरकार अपनी फरियाद लेकर राजधानी पहुंचा। जब कहीं से राहत नहीं मिली तो उन्होंने विधानसभा के सामने आत्मदाह जैसा खौफनाक कदम उठाने की कोशिश की। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
हजरतगंज पुलिस ने परिवार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि पूरे मामले की जानकारी हरदोई पुलिस को भेजी गई है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने के सवाल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाके में आत्मदाह की कोशिश ने प्रशासनिक तंत्र पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


