लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (UP Assembly Elections 2027) को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में सत्ता वापसी के दावों के बावजूद ‘जिताऊ चेहरों’ का अकाल पड़ गया है और पार्टी परिवारवाद या गठबंधन में घुटने टेकने के संकट से जूझ रही है।
बुधवार को पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा मुखिया का सरेंडर कार्ड या परिवारवाद का वर्जन 2.0 विधानसभा चुनाव से पहले सपा में ऐसा भूचाल आया है कि ‘सत्ता वापसी’ के ढोल पीटने वाले अब ‘जिताऊ चेहरे’ के मोहताज हो गए हैं। उन्होंने लिखा कि जिन सीटों पर सपा तुष्टिकरण, जातीय समीकरण और जोड़-तोड़ के भरोसे जीत का सपना देख रही थी, वहां जनता के बीच पकड़ रखने वाले मजबूत चेहरे तलाशना मुश्किल हो रहा है। सत्ता में वापसी का दावा करने वाली पार्टी की हालत यह है कि सीटें बहुत हैं, लेकिन लड़ने वाले चेहरे कम पड़ रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, सपा के नए चाणक्य बने एक पूर्व प्रशासनिक अफसर की गुप्त सर्वे रिपोर्ट ने पूरे कुनबे की नींद उड़ा दी है। तुष्टिकरण, जातीय कार्ड और जोड़-तोड़ का खोखला ताना-बाना ज़मीन पर बिखर चुका है। उन्होंने कहा कि दावे 400 सीटों के हैं, लेकिन साइकिल पर बैठाने लायक प्रत्याशी शून्य के करीब हैं।
पंकज चौधरी ने कहा कि लाचारी में अब सपा मुखिया के सामने सिर्फ़ दो ही विकल्प बचे हैं आम कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर पारिवारिक साम्राज्य के नए चिरागों को मैदान में झोंका जाए या फिर गठबंधन की मजबूरी बताकर कांग्रेस की 200 सीटों वाली ज़िद के आगे घुटने टेक दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का सपना देखने वाली पार्टी आज जनता के मुद्दों पर नहीं, बल्कि प्रत्याशियों के अकाल और कुनबा सेट करने के संकट से जूझ रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि सपा मुखिया अपनी सियासी ज़मीन बचाते हैं, गठबंधन का वजूद बचाते है या फिर हमेशा की तरह सिर्फ़ परिवारवाद को आगे बढ़ाते हैं।


