फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद (Farrukhabad) में बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन (District administration) पूरी तरह अलर्ट से अलर्ट नजर आ रहा है। गंगा और रामगंगा के जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। गंगा-रामगंगा का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे। तीन तहसीलों के 63 गांव बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय सक्रिय किए। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर (District Magistrate Dr. Ankur Lathar) के निर्देशन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 191 नाविक, 53 गोताखोर और 17 मेडिकल टीमें तैनात की गई है।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में 10,621 परिवारों को राहत सामग्री और सूखा खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। अब तक 10,621 परिवारों को सूखा खाद्यान्न पैकेट बांटे गए। 661 लोगों को सुरक्षित बाढ़ शरणालयों में पहुंचाया गया। जहां उन्हें प्रतिदिन नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 2,881.8 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित, 21 मकान क्षतिग्रस्त परिवारों को 25.20 लाख गृह अनुदान।।
प्रशासन ने बुधवार को बाढ़ के हालात और तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए मीडिया को बताया है कि जिले की तीन तहसीलों सदर, अमृतपुर और कायमगंज के 63 गांवों में आबादी और कृषि क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा का जलस्तर पांचाल घाट पर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय सक्रिय किए हैं। बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, मनोरंजन कक्ष और खेल की सुविधा उपलब्ध है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ समेत तीन स्थानों पर 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं। खोज एवं बचाव के लिए 191 निजी नाव और नाविक तथा 53 गोताखोर सुरक्षा उपकरणों के साथ तैयार हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 17 मेडिकल टीमें और 144 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं और इनमें 8,073 लोगों का उपचार किया गया है। गर्भवती महिलाओं का भी चिह्नीकरण किया गया इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग ने छह टीमें और 14 अस्थायी पशु शरणालय स्थापित किए हैं। 54 पशु शिविरों में 3,273 पशुओं का उपचार और 7,237 का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए 120 क्विंटल भूसे बांटे गए है। 10,413 ओआरएस पैकेट और 9,063 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। एंटी स्नेक वेनम सहित जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।


