नालंदा: नालंदा ज़िले के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील (mid-day meal) खाने के बाद 34 बच्चे बीमार पड़ गए। आरोप है कि खाने में नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर मिला दिया गया था, जिसके बाद बिहार शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। ज़िला शिक्षा अधिकारी ने पारसी मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल (principal) शैलेंद्र कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया है, जबकि मंटू देवी, शारदा देवी और नीपू देवी समेत तीन रसोइयों को उनके पदों से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई शुरुआती जांच में लापरवाही और आरोपों के सही पाए जाने के बाद की गई।
यह घटना मंगलवार को नूरसराय ब्लॉक के मिडिल स्कूल, पारसी में हुई। मिड-डे मील खाने के बाद कुल 34 बच्चे – जिनमें 17 लड़के और 17 लड़कियाँ शामिल थीं – बीमार पड़ गए। बच्चों को इलाज के लिए बिहार शरीफ़ के मॉडल हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों की देखरेख में इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया।
नालंदा के ज़िला शिक्षा अधिकारी हेमचंद्र ने कहा, “प्रथम दृष्टया, चारों की ओर से लापरवाही पाई गई है। पारसी मिडिल स्कूल के तीनों रसोइयों को हटा दिया गया है, जबकि हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।” विभाग ने इस घटना के संबंध में ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और ज़िला प्रोग्राम मैनेजर से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
शिक्षा विभाग ने डिटर्जेंट पाउडर वाले दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट मिलने से पहले किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। विभाग जांच कर रहा है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल में परोसा गया खाना 132 बच्चों, दो टीचरों और दो रसोइयों ने खाया था।
जांच के दौरान इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि सिर्फ़ 34 बच्चे ही बीमार क्यों पड़े। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूतों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बच्चों के बीमार पड़ने की वजह क्या थी। विभाग ने नूरसराय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को ज़रूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है और इस घटना के संबंध में FIR भी दर्ज कराई है।
घटना के बाद, बुधवार को परासी गांव के माता-पिता और निवासियों ने स्कूल में विरोध प्रदर्शन किया और अपने बच्चों को क्लास में भेजने से इनकार कर दिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद नूरसराय पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अरविंद कुमार पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। स्कूल में परोसा जाने वाला मिड-डे मील एकता शक्ति फाउंडेशन द्वारा रामघाट, नगरनौसा स्थित अपने सेंट्रलाइज़्ड किचन से सप्लाई किया जाता है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह सेंट्रल किचन हर दिन 206 स्कूलों के लगभग 23,000 बच्चों को खाना सप्लाई करता है। इनमें चंडी ब्लॉक के 123, नगरनौसा के 76 और नूरसराय के सात स्कूल शामिल हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रिंसिपल और रसोइयों के खिलाफ़ तुरंत कार्रवाई की है, लेकिन 34 बच्चों के बीमार पड़ने की असल वजह की जांच अभी भी चल रही है।


