लखनऊ: पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने के उद्देश्य से श्री भारत गौरव फाउंडेशन (Shri Bharat Gaurav Foundation) द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 1001 पौधारोपण महाअभियान (Plantation campaign) का आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
अभियान का संचालन श्री भारत गौरव फाउंडेशन की टीम द्वारा प्रिया सिंह एवं भाष्वती घोष के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 35 करोड़ पौधारोपण महाअभियान की प्रेरणा से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना और हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाना है।
इस अवसर पर आयोजित जागरूकता रैली में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” का संदेश लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि जीवन के आधार हैं। पेड़-पौधे वायु को शुद्ध करने, जल संरक्षण, जैव विविधता बनाए रखने तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

श्री भारत गौरव फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को काफी हद तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का एक प्रयास है।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का जो संदेश दिया गया, यह कार्यक्रम 5 जून से 23 जुलाई तक चलता रहेगा उसे उपस्थित लोगों ने सराहा और भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सक्रिय सहभागिता का भरोसा दिलाया।


