कायमगंज/फर्रुखाबाद। नोएडा में कथित सिस्टम की लापरवाही के चलते हादसे का शिकार हुए 23 वर्षीय बीटेक इंजीनियर आर्यन प्रजापति की मौत के बाद अब मामले में नोएडा पुलिस सक्रिय हो गई है। मंगलवार को नोएडा पुलिस की टीम कायमगंज पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मृतक के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों ने घटना से जुड़ी जानकारी ली तथा परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि कायमगंज के मोहल्ला कूंचा निवासी आर्यन प्रजापति नोएडा की एक निजी कंपनी में सोलर पैनल एवं इन्वर्टर निर्माण इकाई में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। कुछ दिन पूर्व एक हादसे में उसकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा सिस्टम की लापरवाही का परिणाम था।
आर्यन का शव शुक्रवार देर रात उसके पैतृक आवास पहुंचा था। इकलौते बेटे का शव देखते ही मां, दादी और अन्य परिजन बदहवास हो गए। घर में देर रात तक मातम पसरा रहा और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर पूरे मोहल्ले की आंखें नम हो गईं। शनिवार सुबह नगर के कुंडा श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के कई दिन बाद भी रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का परिवार के यहां आना-जाना लगातार बना हुआ है। मां आज भी बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो जाती हैं, जिससे परिवार का दर्द और भी गहरा दिखाई देता है।
मंगलवार दोपहर नोएडा पुलिस की टीम सबसे पहले कायमगंज कोतवाली पहुंची, जहां प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ल से मुलाकात कर घटना के संबंध में चर्चा की। इसके बाद स्थानीय पुलिस को साथ लेकर टीम मृतक आर्यन के घर पहुंची। वहां पुलिस अधिकारियों ने उसकी मां, बाबा और अन्य परिजनों से विस्तार से बातचीत की तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
पुलिस अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू कराने की बात कही। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया, जिसके बाद परिजनों को जरूरी अभिलेख लेकर कोतवाली आने के लिए कहा गया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नोएडा पुलिस की टीम वापस रवाना हो गई।
आर्यन की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं, परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और पुलिस की पहल से उन्हें न्याय मिलने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी प्राप्त होगी।


