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Saturday, April 25, 2026
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केदारनाथ में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध: रील्स-वीडियो पर रोक, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का ऐलान

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रुद्रप्रयाग। आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल केदारनाथ मंदिर में अब अनुशासन और पवित्रता को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मंदिर प्रशासन ने मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया है।
मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय बढ़ती भीड़, अव्यवस्था और सोशल मीडिया के लिए बनाए जा रहे वीडियो-रील्स की वजह से लिया गया है। लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि श्रद्धालु दर्शन की बजाय मोबाइल पर व्यस्त हो रहे हैं, जिससे लाइन व्यवस्था और सुरक्षा पर असर पड़ रहा था।
नए नियमों के तहत अब मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाना, फोटो या वीडियो बनाना और किसी भी प्रकार की रील रिकॉर्ड करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में धाम के अंदर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें श्रद्धालु पूजा-अर्चना के दौरान रील्स बनाते नजर आए। इससे न सिर्फ धार्मिक मर्यादा पर सवाल उठे, बल्कि अन्य श्रद्धालुओं को भी असुविधा हुई।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिर्फ नियंत्रण के लिए नहीं बल्कि “भक्ति और शांति के माहौल” को बनाए रखने के लिए जरूरी था। आने वाले यात्रा सीजन में भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ते “सोशल मीडिया कल्चर” को लेकर यह फैसला एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। सवाल अब यह है कि क्या देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू होंगे।

नगर निगम का विशेष सत्र बना विवाद का अखाड़ा, विपक्ष का बहिष्कार

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लखनऊ। संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक के गिरने के बाद राजधानी लखनऊ में सियासत उबाल पर है। मुद्दे को लेकर नगर निगम में बुलाया गया विशेष सत्र अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। मेयर की पहल पर बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य निंदा प्रस्ताव पारित करना बताया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक स्टंट करार देते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया।
नगर निगम के इस विशेष सत्र में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, माहौल गरमा गया। ममता चौधरी ने सीधे मेयर पर सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर इस विशेष सदन को बुलाने का औचित्य क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े मूल मुद्दों—जैसे पानी, सड़क और सफाई—को दरकिनार कर राजनीतिक एजेंडा चलाया जा रहा है।
वहीं समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर सदन का बहिष्कार कर दिया। उनका आरोप है कि यह पूरा सत्र सिर्फ दिखावे और राजनीतिक लाभ के लिए बुलाया गया है, जबकि शहर की जमीनी समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हो रही।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन विधेयक के गिरने पर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी थी। लेकिन विपक्ष की गैरमौजूदगी में यह प्रस्ताव कितना प्रभावी होगा, इस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्थानीय निकायों में इस तरह के मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना असामान्य नहीं है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष ने इसे ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

एसटीइएम में महिलाएं: प्रगति, नीतियां और लगातार चुनौतियाँ

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डॉ विजय गर्ग
21वीं सदी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित ( एसटीइएम ) आर्थिक विकास और नवाचार की रीढ़ बन गए हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी न केवल लैंगिक समानता का मामला है, बल्कि सतत विकास के लिए भी आवश्यक है। यद्यपि वैश्विक स्तर पर और भारत में प्रगति हुई है, फिर भी महत्वपूर्ण अंतराल बना हुआ है।

एसटीइएम में महिलाओं की स्थिति

आज महिलाएं एसटीइएम शिक्षा में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। भारत में उच्च शिक्षा में एसटीइएम नामांकन का लगभग 43% हिस्सा महिलाओं का है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है। हालाँकि, यह आशाजनक आंकड़ा एक गहरे मुद्दे को छुपाता है। अनुसंधान एवं विकास में केवल 18.6% एसटीइएम पेशेवर महिलाएं हैं।

वैश्विक स्तर पर, एसटीइएम स्नातकों में महिलाओं का हिस्सा केवल 35% है, यह संख्या वर्षों से स्थिर बनी हुई है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रकाश डालता है जिसे अक्सर “सीकतापूर्ण पाइपलाइन” के रूप में वर्णित किया जाता है, जहां महिलाएं एसटीइएम शिक्षा में प्रवेश करती हैं, लेकिन नेतृत्व या शोध पदों पर पहुंचने से पहले धीरे-धीरे पढ़ाई छोड़ देती हैं।

एसटीइएम में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारी पहल

एसटीइएम में महिलाओं के महत्व को पहचानते हुए, सरकारों ने विशेष रूप से भारत में कई पहल शुरू की हैं

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020: समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे लड़कियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना: वंचित पृष्ठभूमि की लड़कियों के लिए आवासीय स्कूली शिक्षा प्रदान करती है, जिससे एसटीइएम शिक्षा तक पहुंच में सुधार होता है।

बेती बचाओ, बेटी पढ़ाओ: लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है।

विंग्स छात्रवृत्ति (आईआईटी बॉम्बे): एसटीइएम पाठ्यक्रमों में महिलाओं के लिए पूर्ण ट्यूशन सहायता प्रदान करता है, जिससे वित्तीय बाधाएं कम होती हैं।

इन पहलों का उद्देश्य लिंग अंतर को पाटना, पहुंच बढ़ाना और महिलाओं के लिए एसटीइएम करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर पैदा करना है।

महिलाओं को सशक्त बनाने में शिक्षा की भूमिका

शिक्षा एसटीइएम में महिलाओं की भागीदारी को आकार देने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाती है

प्रारंभिक संपर्क: लड़कियों को कम उम्र से ही विज्ञान और गणित में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने से आत्मविश्वास और रुचि बढ़ती है।

कौशल विकास: गुणवत्तापूर्ण एसटीइएम शिक्षा महिलाओं को आधुनिक करियर के लिए आवश्यक तकनीकी और समस्या-समाधान कौशल प्रदान करती है।

मार्गदर्शन और रोल मॉडल: सफल महिला वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से परिचित होना युवा लड़कियों को भी इसी तरह के मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

डिजिटल साक्षरता: एआई और प्रौद्योगिकी के युग में, डिजिटल उपकरणों और प्रशिक्षण तक पहुंच महत्वपूर्ण है।

शैक्षिक संस्थानों को समावेशी वातावरण का निर्माण करना चाहिए जो जिज्ञासा, रचनात्मकता और समान भागीदारी का समर्थन करे।

एसटीइएम में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियां

प्रगति के बावजूद, महिलाओं को कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है

1। सामाजिक मानदंड और लिंग संबंधी रूढ़िवादिता

पारंपरिक मान्यताएं अक्सर लड़कियों को तकनीकी करियर बनाने से हतोत्साहित करती हैं, तथा उन्हें पारंपरिक भूमिकाओं की ओर ले जाती हैं।

2। कार्यस्थल पूर्वाग्रह और भेदभाव

महिलाओं को अक्सर नेतृत्व की भूमिकाओं में असमान वेतन, सीमित पदोन्नति और कम प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ता है।

3। लीकी पाइपलाइन

कई महिलाएं सहायता की कमी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या कैरियर में ब्रेक के कारण एसटीइएम करियर को बीच में ही छोड़ देती हैं।

4। मार्गदर्शन और रोल मॉडल का अभाव

मार्गदर्शन और नेटवर्क तक सीमित पहुंच कैरियर विकास और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।

5। कार्य-जीवन संतुलन चुनौतियां

पेशेवर मांगों को व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ संतुलित करने से अक्सर कमजोरी पैदा होती है।

6। विश्वास अंतर

अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाएं अक्सर गणित और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को कम आंकती हैं, जिससे उनकी दृढ़ता पर प्रभाव पड़ता है।

आगे का रास्ता

एसटीइएम में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है

लिंग-संवेदनशील पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा प्रणालियों को मजबूत करना

मार्गदर्शन कार्यक्रमों और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित करना

लचीले कार्य वातावरण और पुनः प्रवेश के अवसर पैदा करना

नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं को बढ़ावा देना

रूढ़िवादिता और सांस्कृतिक बाधाओं को चुनौती देने के लिए जागरूकता बढ़ाना

निष्कर्ष
एसटीइएम में महिलाएं सिर्फ प्रतिभागी नहीं हैं। वे नवप्रवर्तक, नेता और परिवर्तनकर्ता हैं। जबकि सरकारी पहलों और शैक्षिक सुधारों से रास्ते बन गए हैं, एसटीइएम में वास्तविक लैंगिक समानता की दिशा में यात्रा जारी है। इस अंतर को पाटना न केवल सामाजिक आवश्यकता है, बल्कि आर्थिक अनिवार्यता भी है। एसटीइएम में महिलाओं को सशक्त बनाने का अर्थ है किसी देश की पूरी क्षमता का द्वार खोल देना।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधान शैक्षिक स्तंभकार प्रख्यात शिक्षाशास्त्री स्ट्रीट कौर चंद एमएचआर मलोट पंजाब

छात्र जीवन जो सपनों को उड़ा देता है

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डॉ. विजय गर्ग
छात्र जीवन मानव जीवन का सबसे सुखद, संवेदनशील और रचनात्मक दौर होता है। यह वह समय होता है जब बच्चे सपने देखना सीखते हैं और उन सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम की राह पर चलते हैं। इस दौर में पाए गए संस्कार, शिक्षा और अनुभव सभी जीवन का आधार बन जाते हैं।

सपनों की शुरुआत

हर छात्र के दिल में कई सपने होते हैं। कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई शिक्षक या कलाकार बनना चाहता है। ये सपने सिर्फ कल्पना नहीं होते बल्कि भविष्य की दिशा दिखाते हैं। विद्यार्थी जीवन वह मंच है जहां ये सपने जीने और उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाते हैं।

शिक्षा की शक्ति

शिक्षा न केवल छात्र को पाठ्य ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उसे सोचने, समझने और निर्णय लेने में भी सहायता करती है। शिक्षित छात्र अपने सपनों को वास्तविकता बनाने के लिए मजबूत आधार रखता है। स्कूल और कॉलेज के अनुभव उसके बयानबाजी को निखारते हैं।

अनुशासन और परिश्रम

सपने को साकार करने के लिए केवल सोचना ही पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए अनुशासन, समय की सराहना और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। छात्र जीवन में बनाई गई अच्छी आदतें जैसे नियमित अध्ययन, सही समय प्रबंधन और ध्यान केंद्रित करना भविष्य की सफलता की कुंजी हैं।

चुनौतियां और शिक्षा

इस दौर में विद्यार्थियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रतिस्पर्धात्मकता का दबाव, परिणाम की चिंता और सामाजिक अपेक्षाएं। लेकिन ये चुनौतियां ही उन्हें मजबूत बनाती हैं। असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता का संकेत है।

शिक्षक और माता-पिता की भूमिका

शिक्षक और माता-पिता छात्र के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। उनकी प्रेरणा और सहयोग से छात्र अपने सपनों को पहचानता है और उन्हें पूरा करने का साहस करता है। एक सही दिशा और उत्साह के साथ, छात्र असंभव भी संभव बना सकता है।

परिणाम

छात्र जीवन सिर्फ पढ़ाई का दौर नहीं बल्कि सपनों को उड़ाने का समय है। इस वक्त का सही फायदा उठाकर हर विद्यार्थी अपना भविष्य उज्जवल बना सकता है। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ उड़ने वाले सपने ही जीवन को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
डॉ. विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शैक्षिक स्तंभकार मलोट पंजाब

पुरानी रंजिश में फायरिंग व मारपीट, कई घायल – हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

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अमृतपुर/ फर्रुखाबाद

थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम रामपुर जोगराजपुर में पुरानी रंजिश के चलते रविवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों के साथ फायरिंग कर दी। घटना में पीड़ित बाल-बाल बच गया, जबकि मारपीट में उसके परिजन घायल हो गए।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, जानबूझकर चोट पहुंचाने, मारपीट, आपराधिक कृत्य में सहभागिता तथा अवैध रूप से हथियार के उपयोग जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
तहरीर के अनुसार, पीड़ित अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान गांव के ही धर्मपाल, प्रेमचंद, रामचंद्र (पुत्रगण इन्द्रजीत) व विश्राम (पुत्र श्रीराम) एक राय होकर लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने हमला बोल दिया।
आरोप है कि धर्मपाल के हाथ में लाइसेंसी रायफल थी, जिससे उसने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली पीड़ित के कान के पास से गुजर गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसके परिजनों के साथ जमकर मारपीट की।
इस घटना में पीड़ित की पुत्री शिवानी, पुत्र शिवम तथा भाई सुशील सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब कहीं जाकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है और आरोपियों की तलाश कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

आज का राशिफल

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युवाओं, नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों के लिए आज का दिन कई मायनों में निर्णायक साबित हो सकता है। ग्रहों की चाल जहां कुछ राशियों के लिए तरक्की के द्वार खोल रही है, वहीं कुछ को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। पढ़िए आज का विस्तृत राशिफल—
♈ मेष राशि
आज का दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा, लेकिन जल्दबाजी नुकसान करा सकती है। करियर में नए मौके मिलेंगे, पर निर्णय सोच-समझकर लें। छात्र वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में तनाव संभव है।
♉ वृषभ राशि
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
♊ मिथुन राशि
आज का दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। किसी भी विवाद में पड़ने से बचें। छात्रों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
♋ कर्क राशि
भाग्य का साथ मिलेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है। व्यापारियों को बड़ा लाभ हो सकता है। परिवार में कोई शुभ कार्य होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
♌ सिंह राशि
आज आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। खर्च बढ़ सकते हैं। किसी करीबी से विवाद हो सकता है। नौकरी में दबाव रहेगा। यात्रा टालना बेहतर रहेगा।
♍ कन्या राशि
आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में सराहना मिलेगी। छात्रों को सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
♎ तुला राशि
करियर में उन्नति के योग हैं। नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, ध्यान रखें।
♏ वृश्चिक राशि
आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला है। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। छात्रों के लिए दिन सामान्य रहेगा।
♐ धनु राशि
भाग्य आपका साथ देगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। परिवार में खुशहाली रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
♑ मकर राशि
आज सतर्क रहने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। कार्यस्थल पर तनाव हो सकता है। परिवार में मतभेद संभव हैं।
♒ कुंभ राशि
आज का दिन शुभ रहेगा। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में सफलता मिलेगी। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी।
♓ मीन राशि
आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
(यूथ इंडिया अलर्ट):
आज कई राशियों के लिए अवसरों की बाढ़ है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। युवाओं को खासतौर पर करियर और निवेश से जुड़े फैसलों में सतर्क रहने की जरूरत है।