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Tuesday, April 21, 2026
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डीएम की फोटो लगाकर ठगी का प्रयास, एसीएमओ से मांगी रकम;

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सतर्कता से खुला साइबर ठगी का मामला

कासगंज

जनपद में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने जिलाधिकारी की फोटो का दुरुपयोग कर एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी से पैसे मांगने की कोशिश की। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है और साइबर अपराधियों की बढ़ती सक्रियता को उजागर किया है।
जानकारी के अनुसार, कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए अज्ञात ठगों ने ललितपुर में तैनात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. अविनाश को मैसेज भेजकर धनराशि की मांग की। ठगों ने खुद को डीएम बताकर तत्काल आर्थिक मदद की बात कही, जिससे मामला पहली नजर में विश्वसनीय लगे। हालांकि डॉ. अविनाश को संदेश की भाषा और परिस्थितियों पर संदेह हुआ।
सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने सीधे जिलाधिकारी प्रणय सिंह से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह साइबर ठगी का प्रयास है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
प्रशासन ने इस घटना के बाद सभी अधिकारियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से पैसे मांगने पर तुरंत उसकी सत्यता की पुष्टि करें। बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से बचें।
यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

जन्म से स्नातक तक बेटियों के साथ सरकार, 27 लाख बालिकाओं को 25 हजार रूपये की सौगात

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लखनऊ

प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 27 लाख से अधिक बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्ष 2019 में शुरू हुई यह योजना प्रदेश में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है और सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।
योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से लेकर स्नातक में प्रवेश तक कुल छह चरणों में 25,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। अब तक सरकार द्वारा 674 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि बेटियों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। योजना के चलते न केवल बालिका शिक्षा के स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का दावा है कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मिसाल बन सकता है।

20 अप्रैल को शमसाबाद में माँ अन्नपूर्णा व पंचमुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा

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शमसाबाद, फर्रुखाबाद

क्षेत्र के खोरी नगरी स्थित विश्रांत घाट पर आगामी 20 अप्रैल 2026, सोमवार को बाबा विश्वेश्वर महादेव भूतनाथ मंदिर में माँ अन्नपूर्णा एवं पंचमुखी हनुमान जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन प्रस्तावित है।
आयोजन ‘समस्त सेवा परिवार’ के तत्वावधान में संपन्न होगा, जिसमें वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति स्थापना की जाएगी। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी गई हैं तथा मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 09:00 बजे से नगर भ्रमण (शोभायात्रा) निकाली जाएगी। इसके उपरांत दोपहर 01:30 बजे मुख्य अनुष्ठान के तहत मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वहीं दोपहर 03:00 बजे से विशाल भंडारा प्रारंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा।
आयोजन समिति द्वारा क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में सम्मिलित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हार्न पर कड़ा एक्शन

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उल्लंघन पर एक लाख तक जुर्माने की चेतावनी

कासगंज

जनपद में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न और हूटर के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। एआरटीओ राम प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी वाहन में अवैध रूप से साइलेंसर में बदलाव करना या तेज आवाज वाले हार्न का प्रयोग करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जिले के सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे न तो ऐसे उपकरणों की बिक्री करें और न ही उन्हें वाहनों में इंस्टॉल करें। साथ ही इनका भंडारण भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए(3) के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके अंतर्गत दोषी संचालकों पर एक लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
वाहन मालिकों के लिए भी कड़े प्रावधान तय किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न या हूटर का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसे छह माह तक की सजा, पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड भुगतने पड़ सकते हैं।
एआरटीओ ने बताया कि यह कदम मुख्य रूप से बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। विभाग द्वारा शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ धरपकड़ भी की जाएगी, जिससे जनपद में शांति और व्यवस्था कायम रखी जा सके।

ब्रेक फेल होने से रोडवेज बस ट्रक में घुसी, 10 से अधिक यात्री घायल; टोल प्लाजा पर मची अफरातफरी

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मैनपुरी

जनपद के थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा उस समय हो गया, जब महोबा से मथुरा जा रही रोडवेज बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए। अनियंत्रित बस नवीगंज स्थित तरावदेव टोल प्लाजा के पास आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे के समय बस में करीब 19 यात्री सवार थे। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया और उनकी प्राथमिक मदद की गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंटेनर चालक सर्वेश, निवासी तिर्वा (कन्नौज), टोल प्लाजा पर फास्टैग की प्रक्रिया के चलते रुका हुआ था, तभी पीछे से आ रही बस अचानक ट्रक से टकरा गई। बस चालक अजय कुमार और परिचालक अजयपाल ने बताया कि बस के ब्रेक अचानक काम करना बंद कर गए, जिससे यह हादसा हुआ। चालक और परिचालक को भी मामूली चोटें आई हैं।
हादसे में शंभू दयाल (मिर्जापुर), नम्रता चतुर्वेदी (मैनपुरी), 16 वर्षीय लवकुश (इंदरगढ़, कन्नौज), रोडवेज मैकेनिक सोनू, राम-जानकी, रितिक, पूनम, दीपक सहित 10 से अधिक यात्री घायल हुए। सभी घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और किसी की भी हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दुर्घटना के बाद स्थिति को तत्काल नियंत्रित कर लिया गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारू कराया गया। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के बाद किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

नोएडा हिंसा के बाद बड़ा एक्शन, 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द; 42 और ब्लैकलिस्ट होने की कगार पर

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गौतम बुद्ध नगर

नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन और श्रम विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रमिकों के शोषण, वेतन में देरी और श्रम कानूनों के उल्लंघन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अब तक 10 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, जबकि 42 अन्य ठेकेदारों को नोटिस जारी कर ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
श्रम विभाग की जांच में सामने आया है कि कई ठेकेदार न्यूनतम वेतन अधिनियम का पालन नहीं कर रहे थे और श्रमिकों को तय मानकों से कम भुगतान किया जा रहा था। इसके अलावा ओवरटाइम का भुगतान नहीं करना, पीएफ और ईएसआईसी जैसी अनिवार्य सुविधाओं में अनियमितता और समय पर वेतन न देना भी प्रमुख शिकायतों में शामिल रहा। विभाग के अनुसार, अब तक कुल 245 ठेकेदारों को लाइसेंस निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्टिंग के नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन ठेकेदारों पर आरोप सिद्ध होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में उन्हें किसी भी सरकारी या निजी परियोजना में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्रम विभाग ने अन्य कंपनियों और फैक्ट्रियों में कार्यरत ठेकेदारों की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि ऐसे मामलों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
इस कार्रवाई को नोएडा में श्रमिकों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के शोषण या अनियमितता की शिकायत सीधे विभाग से करें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।