उल्लंघन पर एक लाख तक जुर्माने की चेतावनी
कासगंज
जनपद में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न और हूटर के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। एआरटीओ राम प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी वाहन में अवैध रूप से साइलेंसर में बदलाव करना या तेज आवाज वाले हार्न का प्रयोग करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जिले के सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे न तो ऐसे उपकरणों की बिक्री करें और न ही उन्हें वाहनों में इंस्टॉल करें। साथ ही इनका भंडारण भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए(3) के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके अंतर्गत दोषी संचालकों पर एक लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
वाहन मालिकों के लिए भी कड़े प्रावधान तय किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न या हूटर का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसे छह माह तक की सजा, पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड भुगतने पड़ सकते हैं।
एआरटीओ ने बताया कि यह कदम मुख्य रूप से बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। विभाग द्वारा शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ धरपकड़ भी की जाएगी, जिससे जनपद में शांति और व्यवस्था कायम रखी जा सके।


