सतर्कता से खुला साइबर ठगी का मामला
कासगंज
जनपद में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने जिलाधिकारी की फोटो का दुरुपयोग कर एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी से पैसे मांगने की कोशिश की। इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है और साइबर अपराधियों की बढ़ती सक्रियता को उजागर किया है।
जानकारी के अनुसार, कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए अज्ञात ठगों ने ललितपुर में तैनात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. अविनाश को मैसेज भेजकर धनराशि की मांग की। ठगों ने खुद को डीएम बताकर तत्काल आर्थिक मदद की बात कही, जिससे मामला पहली नजर में विश्वसनीय लगे। हालांकि डॉ. अविनाश को संदेश की भाषा और परिस्थितियों पर संदेह हुआ।
सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने सीधे जिलाधिकारी प्रणय सिंह से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह साइबर ठगी का प्रयास है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
प्रशासन ने इस घटना के बाद सभी अधिकारियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से पैसे मांगने पर तुरंत उसकी सत्यता की पुष्टि करें। बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से बचें।
यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।


