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Saturday, May 2, 2026
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DRDO करेगा सबसे घातक मिसाइल का परीक्षण, 10 हजार से अधिक लोगों को किया शिफ्ट

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Missile Testing
Missile Testing

बालासोर। ओडिशा के बालासोर जिला प्रशासन ने 10 गांवों के करीब 20 हजार लोगों को अस्थाई तौर पर शिफ्ट किया है। बता दें कि इन लोगों को DRDO द्वारा बुधवार को किए जा रहे मिसाइल परीक्षण (Missile Testing)  के मद्देनजर शिफ्ट किया गया है।

डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, ये मिसाइल परीक्षण (Missile Testing) ओडिशा के चांदीपुर आईटीआर रेंज में किया जाना है। ऐसे में डीआरडीओ (DRDO) ने मिसाइल टेस्ट के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ये परीक्षण ITR के लॉन्च पैड 3 से किया जाएगा।

उधर, बालासोर जिला प्रशासन ने इसके लिए 10 गांवों के करीब 20 हजार लोगों को अस्थाई रूप से शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने लॉन्च पैड से 3.5 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले गांवों को खाली कराया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों की वजह से इन लोगों को शिफ्ट किया गया है। इन लोगों को होने वाली असुविधा को देखते हुए इन्हें मुआवजा भी देने का ऐलान किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन (District Administration)ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद लोगों को बुधवार सुबह 4 बजे तक अपना घर छोड़ने के लिए कहा गया। इन लोगों को अगले आदेश के बाद ही अपने घर पर लौटने के लिए कहा गया है

इन लोगों के रहने के लिए अस्थाई कैंप बनाए गए हैं।अस्थाई कैंप में रिपोर्ट करने के बाद इन लोगों के अकाउंट में मुआवजे की रकम ट्रांसफर की जाएगी। राहत शिविरों में इन लोगों के लिए पीने के पानी से लेकर हेल्थ कैंप तक की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में मछुआरों और मजदूरों को भी मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। अभी हर वयस्क को मुआवजे के तौर पर हर दिन 300 रुपये तय किया गया है। वहीं नाबालिगों के लिए 150 रुपये तय किए गए हैं, जबकि खाने के लिए 75 रुपये अलग से मिलेंगे।

कम वर्षा होने से किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी, अब सिंचाई कार्यों के लिए मिलेगी 12 घंटे निर्बाध विद्युत अपूर्ति

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लखनऊ। प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। 01 अप्रैल 2023 से निजी नलकूप संचालन के लिए मुफ्त बिजली दी जा रही हैं। वहीं अब किसानों को और सुविधायें देने के लिए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma) ने कृषि पोषकों (एग्रीकल्चर फीडर) पर 10 घण्टे के स्थान पर अब 12 घण्टे विद्युत आपूर्ति देने की घोषणा की है।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में कम वर्षा होने के कारण किसानों को धान की रोपाई, सिचाई और अन्य क़ृषि कार्यों में कोई समस्या न हो, इसके लिए कृषि फीडरों के निर्धारित 10 घंटे विद्युत आपूर्ति के शिड्यूल में 02 घंटे और बढ़ाकर अब 12 घंटे बिजली दी जायेगी।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma)ने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में जहां पर कम वर्षा होने से किसानों को धान की रोपाई और अन्य क़ृषि कार्यों को करने तथा फसल को सूखने से बचाने के लिए परेशानी हो रही है। ऐसे क्षेत्रों में जहां फसलों की सिंचाई के लिए नहरे नहीं हैं तथा नलकूपों के माध्यम से सिंचाई हो रही है, वहां पर किसानों की समस्याओं के निवारण के लिए कृषि पोषकों को मिल रही बिजली में 02 घंटे की बढ़ोत्तरी की गयी है।

ऊर्जा मंत्री (AK Sharma) ने निर्देश दिये है कि प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कृषि फीडरों को 12 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। साथ ही सभी डिस्काम के प्रबन्ध निदेशक, मुख्य अभियन्ता (वितरण) व मुख्य अभियन्ता (पी.एम.सी.) द्वारा नियमित इसकी मॉनीटरिंग की जाए। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति सामान्य होने पर निर्धारित रोस्टर के आधार पर ही विद्युत आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों की सिंचाई की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और किसान प्रतिनिधियों की ओर से कृषि फीडरों की विद्युत आपूर्ति में बढ़ोत्तरी की लगातार मांग की जा रही थी। सभी के परामर्श एवं सुझाव के पश्चात ही किसानहित में यह निर्णय लिया गया है।

पठानकोट में दिखे सात संदिग्ध, स्केच जारी

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Seven suspects seen in Pathankot
Seven suspects seen in Pathankot

जम्मू। पठानकोट में एक बार फिर से सात संदिग्ध (Suspects) व्यक्तियों को देखा गया है। एक महिला की सूचना के बाद पंजाब पुलिस तथा बीएसएफ (BSF) ने बुधवार को छह घंटे तक सर्च ओपरेशन चलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो माह में यह तीसरा मौका है, जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर संदिग्धों (Suspects) को देखा गया है।

पाकिस्तानी घुसपैठिया होने की आशंका के चलते पुलिस लगातार जांच कर रही है। दो दिन पहले भी बेहदिया गांव में 2 संदिग्धों ने एक घर में जाकर रोटी मांगी थी। सुजानपुर के चक माधो सिंह गांव में भी सेना की वर्दी में 4 संदिग्ध देखे गए।

मंगलवार की रात पठानकोट के गांवच फागतोली में 7 संदिग्ध देखे गए। फागतोली गांव की रहने वाली सीमा देवी ने बताया कि कुछ लोग जंगल की ओर से उनके घर में घुस आए और पानी मांगा। पानी पिलाने के बाद वे फिर से जंगल में घुस गए, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।

डीएसपी समीर सिंह मान ने कहा कि मंगलवार को देर शाम संदिग्ध लोगों को देखे जाने की खबर सामने आई है, जिसके आधार पर हम सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। ये लोग मजदूर भी हो सकते हैं। यह इसलिए भी संभव है, क्योंकि पीछे जंगल का इलाका है। वहां मजदूर काम कर रहे हैं।

संदिग्ध (Suspects) का स्केच जारी किया

मौके पर पहुंची पुलिस और सेना ने महिला से पूछताछ के बाद एक संदिग्ध का स्केच जारी किया है और लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने अपील की है कि अगर ये संदिग्ध किसी को कहीं नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत दें। पुलिस का कहना है कि महिला की जानकारी के आधार पर तलाश की जा रही है।

गुरु पूर्णिमा आज: जानिए इसका महत्व

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गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व है, जो आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन गुरु की विशेष पूजा और सम्मान किया जाता है। शास्त्रों में कई महान गुरुओं का उल्लेख है जिन्होंने अपने शिष्यों को अमूल्य ज्ञान और शिक्षा दी। यहाँ हम शास्त्रों में वर्णित नौ प्रमुख गुरुओं और उनके विशेषताओं के बारे में जानेंगे:

1. वशिष्ठ मुनि

वशिष्ठ मुनि ब्रह्म ऋषि थे और श्रीराम के कुलगुरु थे। उन्होंने राजा दशरथ और उनके पुत्रों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न को शिक्षा दी। वशिष्ठ और विश्वामित्र के बीच विवाद की कथा प्रसिद्ध है, जिसमें अंततः वशिष्ठ ने विश्वामित्र को ब्रह्म ऋषि का पद प्रदान किया।

2. महर्षि वेद व्यास

महर्षि वेद व्यास का जन्म दिन गुरु पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। वेदों का संपादन करने के कारण उन्हें वेद व्यास कहा जाता है। उन्होंने महाभारत, श्रीमद् भागवत और अठारह पुराणों की रचना की। वेद व्यास के पुत्र शुकदेव ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी।

3. देव गुरु बृहस्पति

बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और नौ ग्रहों में से एक हैं। उन्होंने अपनी सलाह से देवताओं को दानवों से बचाया और लक्ष्मी जी को रक्षाबंधन की विधि सुझाई जिससे भगवान विष्णु को वापस स्वर्ग भेजा गया।

4. शुक्राचार्य

शुक्राचार्य असुरों के गुरु हैं और उन्होंने महादेव की प्रसन्नता से मृतसंजीवनी विद्या प्राप्त की। इस विद्या से वे मृत असुरों को पुनर्जीवित कर सकते थे। शुक्राचार्य ने नीति शास्त्र की रचना की जिसमें सुख-शांति और सफलता के सिद्धांत बताए गए हैं।

5. परशुराम

परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं और उन्हें चिरंजीवी माना जाता है। उन्होंने त्रेतायुग और द्वापरयुग में विभिन्न समयों पर शस्त्र विद्या का ज्ञान दिया। महाभारत में उन्होंने द्रोणाचार्य, भीष्म पितामह, और कर्ण को शिक्षा दी थी।

6. सूर्य

सूर्य देव हनुमान जी के गुरु थे। सूर्य देव ने हनुमान जी को चलते-चलते सभी वेदों का ज्ञान दिया। महाभारत काल में कर्ण सूर्य के पुत्र थे।

7. ऋषि सांदीपनि

ऋषि सांदीपनि ने द्वापर युग में श्रीकृष्ण और बलराम को शिक्षा दी। उन्होंने अपने आश्रम में 64 कलाओं की शिक्षा दी थी। श्रीकृष्ण की मित्रता सुदामा से भी सांदीपनि के आश्रम में ही हुई थी।

8. द्रोणाचार्य

द्रोणाचार्य महाभारत काल में पांडवों और कौरवों के गुरु थे। उनका विवाह कृपाचार्य की बहन कृपी से हुआ था और उनके पुत्र का नाम अश्वत्थामा था। महाभारत युद्ध में उनका वध धृष्टद्युम्न ने किया था।

9. नारद मुनि

देवर्षि नारद भक्त प्रहलाद और ध्रुव के गुरु थे। उनकी सलाह से प्रहलाद और ध्रुव को भगवान की कृपा प्राप्त हुई। देवी पार्वती को शिव जी पति के रूप में प्राप्त करने के लिए नारद मुनि ने तप करने की सलाह दी थी।

गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को रेखांकित करता है और हमें अपने गुरु के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

बांग्लादेश में आरक्षण विवाद: सुप्रीम कोर्ट का फैसला और इसके प्रभाव

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला

बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा 56% से घटाकर 7% कर दी है। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार वालों को 5% और शेष 2% में एथनिक माइनोरिटी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग शामिल होंगे। कोर्ट का कहना है कि 93% नौकरियां मेरिट के आधार पर मिलेंगी।

हिंसा और उसके परिणाम

इस फैसले के बाद देशभर में हिंसा भड़क उठी है। न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक हिंसा में 115 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात काबू में करने के लिए सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है और प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस की जगह सेना तैनात कर दी गई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

बांग्लादेश 1971 में आजाद हुआ था। उसी साल से आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसमें विभिन्न कैटेगरी के लिए 80% कोटा निर्धारित किया गया था:

  • स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों के लिए: 30%
  • पिछड़े जिलों के लिए: 40%
  • महिलाओं के लिए: 10%
  • सामान्य छात्रों के लिए: 20%

1976 में पिछड़े जिलों के लिए आरक्षण घटाकर 20% कर दिया गया और 1985 में इसे 10% कर दिया गया। अल्पसंख्यकों के लिए 5% कोटा जोड़ा गया, जिससे सामान्य छात्रों के लिए 45% सीटें हो गईं।

2009 में स्वतंत्रता सेनानियों के पोते-पोतियों को भी आरक्षण में शामिल कर लिया गया और 2012 में विकलांग छात्रों के लिए 1% कोटा जोड़ा गया, जिससे कुल कोटा 56% हो गया।

वर्तमान स्थिति

बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के चलते 978 भारतीय छात्रों ने अपने घर लौटने का फैसला किया है। ढाका यूनिवर्सिटी को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है और छात्रों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

बांग्लादेश में आरक्षण की व्यवस्था में किए गए इस बदलाव ने देश में व्यापक स्तर पर असंतोष और हिंसा को जन्म दिया है। यह फैसला एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभर रहा है। सरकार और सुप्रीम कोर्ट को इस स्थिति को समझदारी से संभालने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके।

बैंकिंग नियमों की अनदेखी: होम लोन पर पहले ही ब्याज वसूली

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यूथ इंडिया, एजेंसी। होम लोन प्राप्त करने वालों के लिए एक आम समस्या सामने आ रही है, जहां बैंक, एनबीएफसी, और अन्य वित्तीय संस्थान होम लोन की राशि को ट्रांसफर करने से पहले ही ब्याज वसूलना शुरू कर देते हैं। यह प्रथा न केवल आरबीआई की गाइडलाइंस का उल्लंघन है, बल्कि ग्राहकों के साथ एक प्रकार की धोखाधड़ी भी है।

मामले की पड़ताल

मामला नंबर 1: आयुष चौधरी, गुरुग्राम

आयुष चौधरी, जो पेशे से इंजीनियर हैं, ने अपने परिवार के लिए एक 3 बीएचके फ्लैट खरीदने के लिए लोन लिया। सैंक्शन लेटर मिलने के बाद भी लोन की राशि बिल्डर के खाते में नहीं पहुँची थी, फिर भी उनके खाते से 1.2 लाख की EMI कटने का संदेश आ गया। बैंक ने तकनीकी रूप से इसे डिस्बर्सल के रूप में गिना और ब्याज वसूली शुरू कर दी।

मामला नंबर 2: विजयिता सिंह, भोपाल

विजयिता सिंह ने 22.5 लाख रुपए का लोन मंजूर कराया, लेकिन रजिस्ट्री से पहले ही बैंक ने डिस्बर्सल दिखा दिया और 13,370 रुपए का ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। पूछताछ पर बैंक ने बताया कि चेक बन गया है, इसलिए ब्याज देना होगा।

नियम और वास्तविकता

आरबीआई के नियम

  • फंड ट्रांसफर के बाद ही ब्याज वसूली: लोन की राशि ट्रांसफर होने के बाद ही ब्याज लिया जाना चाहिए।
  • पूरा माह का ब्याज नहीं: लोन माह के किसी भी दिन आवंटित हो, केवल शेष दिनों का ब्याज लिया जाना चाहिए।
  • अतिरिक्त EMI की गणना: अतिरिक्त ली गई EMI को पूरी लोन राशि से घटाकर ही ब्याज वसूलना चाहिए।

वास्तविकता

  • कई बैंक लोन की राशि ट्रांसफर से पहले ही पूरा माह का ब्याज वसूल लेते हैं।
  • लोन की एक अतिरिक्त EMI लेने के बाद भी ब्याज की गणना पूरी लोन राशि पर ही की जाती है।

ग्राहकों के लिए सलाह

भास्कर एक्सपर्ट की राय

आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार के अनुसार, यदि बैंक लोन राशि के ट्रांसफर से पहले ब्याज वसूलते हैं तो ग्राहक को तुरंत बैंक से राशि लौटाने के लिए कहना चाहिए। यदि बैंक नहीं मानते, तो बैंकिंग लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बैंकिंग अधिकारियों की राय

पीयूष गुप्ता, एजीएम (पीआर), बैंक ऑफ बड़ौदा, मुंबई ने कहा कि जब तक लोन की राशि बिल्डर के खाते में न पहुंचे, ब्याज वसूलना गलत है। ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

बैंकों का तर्क है कि चेक नंबर या ट्रांजेक्शन कोड रजिस्ट्री में आवश्यक होता है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह तर्क सही नहीं है। बैंक रियल टाइम पर कोड जनरेट कर सकते हैं और डॉक्यूमेंटेशन पूरा होने के बाद ही ब्याज वसूलना शुरू कर सकते हैं। ग्राहकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और ऐसे मामलों में बैंकिंग लोकपाल का सहारा लेना चाहिए।