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Friday, April 10, 2026
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कार्य में अनुशासनहीनता करने पर लेखपाल को एसडीएम ने किया निलंबित

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद।
तहसील परिसर में उसे समय हडक़ंप मच गया जब अनुशासनहीनता कर लेखपाल ने एसडीएम को धमका दिया।बताया जा रहा है। कि मंगलवार के दिन तहसील सभागार में लेखपालों के साथ एसडीएम तहसीलदार कार्यों की समीक्षा की बैठक कर रहे थे इस दौरान आय जाति मूल निवास प्रमाण पत्र विरासत आदि को लेकर बातचीत चल रही थी जब एसडीएम अतुल कुमार सिंह के द्वारा लेखपाल धर्मेंद्र त्रिपाठी से सवाल जवाब किया। तो गुस्साए लेखपाल के द्वारा एसडीएम से अभद्रता कर दी गई। इसके संबंध में उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार कर्मवीर की आख्या पर विभिन्न गंभीर आरोप में उप जिला अधिकारी के द्वारा पांच दिवस का वेतन रोकते हुए कार्यालय उप जिला अधिकारी पत्र संख्या 18 दिनांक 19 जून 2024 को जवाब मांगा गया था।जो प्रस्तुत नहीं किया गया लेखपाल पर अंकित आरोपी के क्रम में धर्मेंद्र त्रिपाठी को उप जिला अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

आवास विकास कालोनी की सडक़ों का हाल बेहाल, नागरिकों में रोष

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। नगर की पास कॉलोनी कई जाने वाली आवास विकास कॉलोनी की सडक़ है इन दिनों दुर्दशा ग्रस्त बनी हुई हैबनी हुई हैं। जिससे नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है संबंधित सभासद नगरकों की सुनते ही नहीं नगर पालिका में शिकायत की गई तो वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई ऐसी स्थिति में आवास विकास केंद्र के निवास भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
आवास विकास में सडक़ो बुरा हाल है सेक्टर 1 जो की विजय सिंह विधायक थे तपकी बनी हुई है सडक़ अभी तक कई सरकारें बदल गई हैं लगता है तो क्या इस सरकार में विकास की गति तेज होगी फर्रुखाबाद में क्या एक सुझाव जनता से ऐसे नेता को चुन लेते हैं जो कि अपना भविष्य देखा है वह भी स्कूल चलाने में मस्त अगले चुनाव में जनता खुद चुनेगी अपना नेता जो नेता अपना पेट भर जो भी योजना आती है नगर पालिका में वह जनता को नहीं दी जाती है।

गंगा पार की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल नहीं खुला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजक बनी हुई है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर गरीब जनता में दवाइयां निशुल्क वितरण करना सरकार का मुख्य उद्देश्य भी रहा है। एक रुपये का पर्चा बनने के बाद 15 दिनों तक मुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन सेवाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य उप केंद्र आयुष्मण भवन और इन जगहों पर एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती के साथ नर्स व अन्य स्टाफ तैनात किया जाता है। निशुल्क एंबुलेंस सेवा भी नागरिकों को उपलब्ध कराई जाती है। उच्च चिकित्सा एवं जांच के लिए प्रत्येक जिला में जिला चिकित्सालय बनवाए गए और इनमें सुविधाओं को लेकर आधुनिक मशीने लगाई गई। परंतु स्वास्थ्य सेवाएं अभी तक बदहाल बनी हुई है। विकासखंड राजेपुर के अंतर्गत आने वाला ग्राम पिथनापुर का स्वास्थ्य केंद्र इस बात की गवाही दे रहा है। यहां पर तैनात डॉक्टर सुधीर स्टॉप न होने की वजह से अकेले ही ओपीडी संभालते हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वास्थ्य ठीक ना होने की वजह से छुट्टी पर हैं। इसलिए स्वास्थ्य केंद्र बंद है। कई बार स्टाफ की मांग की गई फिर भी स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया। पिछले दो वर्ष से अकेले डॉक्टर के रहमों करम पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। यहां आने वाले दूर-दराज से मरीज केंद्र बंद होने की वजह से वापस लौट जाते हैं। यह क्षेत्र बाढ़ पीडि़त क्षेत्र है। इस समय इलाके में बुखार जुखाम इन्फेक्शन मलेरिया टाइफाइड उल्टी दस्त फोड़े फुंसी आदि जैसी समस्याओं के अंबार लगे हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्र बंद होने के कारण गरीब बीमार लोग दवाइयो से वंचित हो जाते हैं। जिला मुख्यालय को चाहिए कि वह इस तरफ ध्यान दें और बाढ़ पीडि़त क्षेत्र में स्थापित स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती करें। जिससे क्षेत्रीय बीमार गरीब लोगों को समय से इलाज मिल सके।

अनुपम दुबे के गुर्गे रच्छू ठाकुर का फर्जीवाड़ा: सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी, रिटायर्ड फौजी से 40 लाख की धोखाधड़ी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में माफिया अनुपम दुबे के गुर्गे अनूप सिंह राठौर उर्फ रच्छू ठाकुर का एक और बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें दर्जनों लोगों से प्लॉट देने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई है। इस फर्जीवाड़े का शिकार बने लोगों में एक रिटायर्ड फौजी भी शामिल हैं, जिनसे 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
ठगी का तरीका और फर्जी प्लॉट देने का वादा
रच्छू ठाकुर ने कई लोगों से प्लॉट देने का वादा कर उनसे मोटी रकम वसूली। उसने सभी पीडि़तों को प्लॉट देने के लिए चेक भी दिए, जो बाद में बाउंस हो गए। इस तरह, उसने दर्जनों लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया। रिटायर्ड फौजी से की गई 40 लाख रुपये की ठगी तो इस फर्जीवाड़े की केवल एक कड़ी है।
सारा पैसा अनुपम दुबे की पैरवी में झोंका
रच्छू ठाकुर ने ठगी से वसूले गए करोड़ों रुपये अपने सरदार विमलेश दुबे के माध्यम से अनुपम दुबे की पैरवी में झोंक दिए। विमलेश दुबे, जो चिबरामऊ का निवासी है, इस पूरे रैकेट में एक अहम कड़ी साबित हुआ है। विमलेश ने अनुपम के लिए सारा पैसा इक_ा किया और उसे ठिकाने लगाने का काम किया।
लेडी डॉन और महिला सदस्य भी शामिल
रच्छू ठाकुर के इस गिरोह में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि कई महिला सदस्य और लेडी डॉन भी शामिल थीं। ये महिलाएं विभिन्न तरीकों से इस घोटाले में संलिप्त थीं, और उन्होंने भी लोगों को ठगने में मदद की।
करोड़ों के वारे न्यारे
इस घोटाले में केवल एक या दो नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के वारे न्यारे किए गए हैं। कई पीडि़त अभी भी न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस मामले ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अब तक इस बड़े घोटाले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पीडि़तों में आक्रोश है।
आंकड़े और विवरण
– कुल ठगी की राशि: करोड़ों रुपये
– रिटायर्ड फौजी से ठगी: 40 लाख रुपये
– फर्जी चेक देकर ठगे गए लोग: दर्जनों
– सारा पैसा: अनुपम दुबे की पैरवी में झोंका गया
– मुख्य आरोपी: अनूप सिंह राठौर उर्फ रच्छू ठाकुर
– सहयोगी: विमलेश दुबे (चिबरामऊ निवासी), लेडी डॉन, और अन्य महिला सदस्य
रच्छू ठाकुर द्वारा किया गया यह घोटाला एक बहुत बड़ा अपराध है, जिसमें आम जनता के मेहनत से कमाए गए पैसे को ठगा गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस मामले में कार्रवाई करता है और पीडि़तों को न्याय दिलाता है।
पीडि़तों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और इस मामले में जल्द से जल्द सख्त कदम उठाए जाने की मांग की है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया की गति पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि इस घोटाले के आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।

मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को मिली जमानत

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Abbas Ansari
Abbas Ansari

प्रयागराज। मुख्तार अंसारी के बेटे और विधायक अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब्बास अंसारी पर जबरन जमीन का बैनामा कराने के मामले में जमानत दे दी है। इस मामले में अब्बास अंसारी के साथ ही आतिफ रजा उर्फ शरजील और अफरोज को भी जमानत मिल गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस राजबीर सिंह की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया है। हालांकि जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद भी अब्बास अंसारी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। ED से जुड़े एक मामले में अब्बास अंसारी की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

पूरा मामला कोतवाली गाजीपुर में अबू फकर खां नाम के व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, जिसने अगस्त 2023 में एक FIR दर्ज कराई थी, जिसमें मुख्तार अंसारी, उसकी पत्नी अफसा अंसारी, विधायक बेटा अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) , साले आतिफ रजा उर्फ शरजील, अनवर शहजाद और अफरोज को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के सामने उसकी बेशकीमती जमीन थी।

अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) पर क्या था आरोप?

मुख्तार अंसारी ने अपने साले को भेजकर 2012 में अबू फकर खां को लखनऊ जेल बुलवाया और जमीन देने का दबाव बनाया। जमीन न बेचने पर हत्या की धमकी दी। आरोपियों ने सर्किल रेट के आधार पर 20 लाख का चेक और चार लाख कैश देकर बैनामा करा लिया।

इस दौरान अफरोज, आतिफ रजा और अनवर शहजाद पीड़ित के घर पहुंचे और उसे अब्बास अंसारी के पास ले गए। आरोप यह भी है कि अब्बास ने पिस्टल लगाकर उसे धमकाया और चेक पर साइन करा लिया। इसके बाद बैंक से लाखों रुपए निकाल लिए और जमीन भी हड़प ली।

ग्रेजुएट के लिए निकली टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरियां, तुरंत करें आवेदन

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ग्रेजुएशन कर सरकारी नौकरी (Government Jobs)  की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। इन कैंडिडेट्स के लिए टैक्ट इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के पदों पर भर्तियां निकली हैं। यह वैकेंसी गुजरात लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई है। एप्लीकेशन प्रोसेस 12 अगस्त से शुरू है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in के जरिए 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि चयन कैसे किया जाएगा।

टैक्स इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के कुल 300 पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में मान्य होंगे। डाक या अन्य माध्यमों से किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे। अप्लाई करने से पहले कैंडिडेट जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन को जरूर पढ़े।

आवेदन की योग्यता

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। वहीं आवेदक की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट भी दी गई है।

आवेदन

– GPSC की आधिकारिक वेबसाइट gpsc.gujarat.gov.in पर जाएं।
– होम पेज पर दिए गए अप्लाई के टैब पर क्लिक करें।
– अब मेल आईडी आदि दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
– डाक्यूमेंट्स अपलोड करें और फीस जमा कर सबमिट करें।

तीन चरणों में होगा चयन

टैक्स इंस्पेक्टर (Tax Inspector) के पदों पर आवेदकों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू। प्रारंभिक परीक्षा कुल 200 नंबरों की होगी और इसमें सफलअ अभ्यर्थी मेन्स एग्जाम में शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा कुल 400 नंबरों की होगा। एग्जाम में गुजराती भाषा, अंग्रेजी भाषा, सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे और परीक्षा का समय तीन घंटे का होगा।

सैलरी

फाइनल सिलेक्शन इंटरव्यू में मिले नंबरों के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पांच साल तक 49,600 रुपए प्रति माह सैलरी दी जाएगी। उसके बाद वेतन 39,900-1,26,600 रुपए तक दिया जाएगा।