यूथ इंडिया संवाददाता
कमालगंज, फर्रुखाबाद। विकासखंड कमालगंज की ग्राम पंचायत अभयपुर नगरिया में बीते कुछ महीने पहले प्रधान नूर मोहम्मद की मृत्यु होने के कारण प्रधान का पद रिक्त चल रहा था इसके संबंध में शासन द्वारा 6 अगस्त की तिथि उपचुनाव के लिए निर्धारित की गई थी।
सोमवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय कमालगंज से पोलिंग पार्टिया मतदान स्थल के लिए रवाना कर दी गई पोलिंग पार्टियों को रवाना करने से पहले मीटिंग हॉल में परियोजना निदेशक और खंड विकास अधिकारी तथा रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा चुनाव से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए मंगलवार सुबह 7 से अभयपुर नगरिया मतदान स्थल संख्या 337 तथा मजरा दौलतपुर चिर्रा मतदान स्थल संख्या 338 पर मतदान शुरू होगा अधिकारियों ने दिशा निर्देश दिए की पोलिंग पार्टी किसी भी प्रत्याशी का खाना अथवा चाय स्वीकार नहीं करेगी शाम को पहुंचकर पोलिंग पार्टी बूथ का निरीक्षण करेगी अपने बूथ पर व्हीलचेयर, पीने का पानी, शौचालय की व्यवस्था, विद्युत की व्यवस्था ,मतदाताओं के लिए छाया तथा बरसात के समय मतदाताओं के लिए क्या व्यवस्था होगी यह सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करके संबंधित अधिकारी को अवगत कराना है वहीं प्रत्याशियों के एजेंट को प्रत्याशियों की सूची के अनुसार क्रम में बैठना होगा कोई भी एजेंट बदला नहीं जाएगा सुबह से शाम तक उसको मतदान स्थल के बाहर बैठना पड़ेगा वही पोलिंग पार्टी मतदाताओं पर यह नजर रखेगी की कोई व्यक्ति अपने साथ स्याही या कोई ऐसी वस्तु लेकर अंदर नहीं जाएगा जो मतदान में व्यवधान उत्पन्न करें।
मतदान स्थल के अंदर केवल पीठासीन अधिकारी मोबाइल का उपयोग कर सकता है सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना पुलिस जहानगंज कमालगंज और नवाबगंज से आवश्यक पुलिस फोर्स उपलब्ध रहेगी, इस दौरान परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास कपिल कुमार, डीसी मनरेगा रणजीत कुमार, खंड विकास अधिकारी अमरीश चौहान, खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल, कमालगंज थाना प्रभारी रणविजय सिंह आदि मौजूद रहे।
अभयपुर नगरिया उपचुनाव के लिए पोलिंग पार्टिया रवाना
जयंती पर विषेश : साहित्य के साथ-साथ शिक्षा के भी पुरोधा थे सुमन
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। हिंदी साहित्य के जानेमाने साहित्यकार डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन ने आम आदमी की पीड़ा के साथ साथ प्रकृति चित्रण के अनूठे विम्ब अपने साहित्य के जरिये बनाये। इसके साथ ही वे स्वतंत्रता संग्राम के रणवाकुरों का सहयोग करने में भी पीछे नहीं रहे। जिस कारण से उन्हे ततकालीन समय में जेल भी जाना पड़ा था।
जयंती पर उन्हे नमन करते हुए अभिव्यंजना के समनवयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सुमन का साहित्य उन्हे सदैव अमर रखेगा।
शिवमंगल सिंह सुमन का कार्यक्षेत्र अधिकांशत शिक्षा जगत से संबद्ध रहा। वे ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में हिंदी के व्याख्याता, माधव महाविद्यालय उज्जैन के प्राचार्य और फिर कुलपति रहे।
डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन के जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण क्षण वह था जब उनकी आँखों पर पट्टी बांधकर उन्हे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। जब आँख की पट्टी खोली गई तो वह हतप्रभ थे। उनके समक्ष स्वतंत्रता संग्राम के महायोद्धा चंद्रशेखर आज़ाद खड़े थे। आज़ाद ने उनसे प्रश्न किया था, क्या यह रिवाल्वर दिल्ली ले जा सकते हो। सुमन जी ने बेहिचक प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। आज़ादी के दीवानों के लिए काम करने के आरोप में उनके विरुद्ध वारंट ज़ारी हुआ। उनकी काव्य रचनाएँ-हिल्लोल, जीवन के गान, प्रलय-सृजन, विश्वास बढ़ता ही गया, पर आँखें नहीं भरीं, विंध्य हिमालय, मिट्टी की बारात, वाणी की व्यथा, कटे अगूठों की वंदनवारें हैं। उनकी गद्य रचनाएँ-महादेवी की काव्य साधना, गीति काव्य: उद्यम और विकास, नाटक, प्रकृति पुरुष कालिदास हैं। जिन्होंने सुमनजी को सुना है वे जानते हैं कि सरस्वती कैसे बहती है। सरस्वती की गुप्त धारा का वाणी में दिग्दर्शन कैसा होता है।
बार एसोसिएशन ने की वकीलों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग
यूथ इंडिया संवाददाता
फतेहगढ़, फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी को वकीलों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों को रोकने और वकील सुरक्षा अधिनियम को लागू करने की तत्काल अपील की है।
5 अगस्त 2024 को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार और महासचिव नरेश सिंह यादव द्वारा हस्ताक्षरित एक औपचारिक पत्र में वकीलों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, झूठे आरोपों और अनुचित गिरफ्तारी की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में हाल ही में एक वकील अशोक कुमार की उनके फर्रुखाबाद स्थित घर में हुई नृशंस हत्या की घटना को उजागर किया गया।
एसोसिएशन ने वकीलों के बीच बढ़ती असुरक्षा की भावना पर जोर देते हुए कहा कि अपराधियों द्वारा वकीलों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है और पीडि़त किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो इससे वकील समाज में व्यापक अशांति फैल सकती है।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने वकालत की आड़ में निर्दोषों को फंसाकर जेल भिजवाने और ठगी करने वालों से तौबा करने की ।साफ कहा ऐसे लोगों की बार पैरवी नही करती।
बार एसोसिएशन ने ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई की मांग की है और फर्रुखाबाद में कानूनी बिरादरी के हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए वकील सुरक्षा अधिनियम को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
एनएचएआई के भ्रष्ट अधिकारियों के आगे बौने साबित हुए सांसद मुकेश राजपूत : करोड़ों का घोटाला
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली हाइवे के घटिया निर्माण ने एक बार फिर एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों की भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। सांसद मुकेश राजपूत द्वारा केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से सीधी शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे आम जनता में असंतोष फैल गया है। जानकारी के अनुसार, हाइवे निर्माण के लिए कुल 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इसमें से लगभग 100 करोड़ रुपये अब तक जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। विभिन्न स्वतंत्र जांच एजेंसियों द्वारा किए गए परीक्षणों में पाया गया कि सडक़ निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं है।
सांसद मुकेश राजपूत ने इस मामले को केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने उठाया था। हालांकि, शिकायत के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर कई बार आवाज उठाई, लेकिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण स्थिति जस की तस बनी रही।
इटावा-बरेली हाइवे की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। विभिन्न स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने पर पाया गया कि सडक़ की सतह पर दरारें और गड्ढे पहले ही दिखने लगे हैं।इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे सडक़ की स्थायित्व पर सवाल उठते हैं।
स्थानीय निवासी रामेश्वर सिंह का कहना है, हमने कई बार अधिकारियों को घटिया निर्माण के बारे में सूचित किया, लेकिन हमारी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। हमें उम्मीद थी कि सांसद मुकेश राजपूत के हस्तक्षेप से कुछ सुधार होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी सविता देवी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के शुसाशन की पोल खुल गई है। अगर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो कई बड़े नामों का पर्दाफाश हो जाएगा।”
इटावा-बरेली हाइवे पर हो रहे घटिया निर्माण ने एनएचएआई के अधिकारियों की भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। अगर जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो यह करोड़ों रुपये के घोटाले का एक और उदाहरण बन जाएगा। अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते है।
कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी एल गंगवार ने झारखंड के गवर्नर संतोष कुमार गंगवार से की भेंट
यूथ इंडिया संवाददाता
बरेली। कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी एल गंगवार ने हाल ही में झारखंड के गवर्नर संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान दोनों ने विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा की, साथ ही कुर्मी समुदाय की समस्याओं और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया।
सी एल गंगवार ने गवर्नर से मिलकर समुदाय की उन्नति और विकास के लिए समर्थन और सहयोग की अपील की। उन्होंने गवर्नर से कुर्मी क्षत्रिय महासभा के आगामी कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने समुदाय की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस बैठक से कुर्मी समुदाय में एक नई उम्मीद जागी है और उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी समस्याओं का समाधान होगा।
मौसम हुआ सुहाना: ठंडी हवाओं ने गर्मी का रुख मोड़ा
फर्रुखाबाद। पिछले कुछ दिनों से चल रही भीषण गर्मी के बीच, आज के दिन नागरिकों को राहत मिली। ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया, जिससे लोगों ने गर्मी से कुछ राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट की संभावना है, जिससे लोगों को और भी राहत मिल सकती है। ठंडी हवाओं ने न सिर्फ तापमान को कम किया बल्कि वातावरण में ताजगी भी लाई है।







