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Sunday, March 15, 2026
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गोरखपुर: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मानवता की धज्जियां

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यूथ इंडिया संवाददाता, गोरखपुर। जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के व्यापक अभियान के तहत राज्य में स्वावलंबन का अर्थ परिभाषित कर रहे हैं, वहीं उनके गृह जनपद गोरखपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डन अर्चना पांडे द्वारा छात्राओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आई हैं। वायरल वीडियो बेटियों की चीख के गवाह बन रहे ।

रोते बिलखते परेशान बच्चे

छात्राओं के अनुसार, वार्डन उन्हें लगातार बुरी तरह मारती हैं और मानसिक उत्पीड़न करती हैं, जिससे एक भयावह माहौल बना हुआ है। एक छत्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, वार्डन हमें छोटी-छोटी बातों पर बुरी तरह पीटती हैं और मानसिक यातना देती हैं। हम डरे हुए हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे।
विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है और बताया कि वार्डन की उच्चाधिकारियों से साठ-गांठ होने की जानकारी है, जिसके चलते उनके खिलाफ की गई शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

घाव के निशान

यह घटनाएं न केवल छात्राओं बल्कि पूरे स्टाफ को भी परेशान कर रही हैं। इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और इस
अत्याचार की रोकथाम हो सके।
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस घटना ने गोरखपुर में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कैसे इन मासूम बच्चियों को न्याय दिलाने का प्रयास करता है।

बेटियों को बर्बरता
पूर्वक पीटती बार्डन

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मानवता की धज्जियां

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यूथ इंडिया संवाददाता
गोरखपुर। जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के व्यापक अभियान के तहत राज्य में स्वावलंबन का अर्थ परिभाषित कर रहे हैं, वहीं उनके गृह जनपद गोरखपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डन अर्चना पांडे द्वारा छात्राओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आई हैं। वायरल वीडियो बेटियों की चीख के गवाह बन रहे।
छात्राओं के अनुसार, वार्डन उन्हें लगातार बुरी तरह मारती हैं और मानसिक उत्पीडऩ करती हैं, जिससे एक भयावह माहौल बना हुआ है। एक छात्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “वार्डन हमें छोटी-छोटी बातों पर बुरी तरह पीटती हैं और मानसिक यातना देती हैं। हम डरे हुए हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे।”
विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है और बताया कि वार्डन की उच्चाधिकारियों से साठ-गांठ होने की जानकारी है, जिसके चलते उनके खिलाफ की गई शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यह घटनाएं न केवल छात्राओं बल्कि पूरे स्टाफ को भी परेशान कर रही हैं। इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं के सामने आने के बाद, संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और इस अत्याचार की रोकथाम हो सके।
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस घटना ने गोरखपुर में शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कैसे इन मासूम बच्चियों को न्याय दिलाने का प्रयास करता है।

 

डीजीपी प्रशांत कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति: जिले की कानून व्यवस्था पर कड़ी नजर

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए डीजीपी प्रशांत कुमार ने विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, उन्होंने माफिया प्रवृत्ति वाले दबंगों की सूची शासन से प्राप्त की है और उन्हें न बख्शने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी प्रशांत कुमार की इस पहल का उद्देश्य जिले में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी जोगेंद्र कुमार और एडीजी कानपुर जोन भी इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे लगातार जिले का दौरा कर रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपराध नियंत्रण में कोई भी कमी न आने दें और अपराधियों पर पैनी नजर रखें।
डीजीपी प्रशांत कुमार की इस कड़ी कार्रवाई का मकसद जिले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता बेफिक्र होकर अपने दैनिक कार्यों को निपटा सके।

पुलिस की लापरवाही पर एस.पी. को सौंपा प्रार्थना पत्र

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में घटित घटनाओं को लेकर पुलिस की लापरवाही के खिलाफ सुधीर कुमार दिवाकर ने एस.पी. को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। प्रार्थना पत्र में 26 जुलाई 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच कई घटनाओं की जांच और रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 10 फरवरी 2021 को दी गई सूचना के बावजूद, 13 मार्च 2023 तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। इस देरी के कारण पीडि़त को न्याय नहीं मिल पाया है। सुधीर कुमार दिवाकर ने पुलिस प्रशासन पर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का भी आरोप लगाया है, जिससे सत्य को दबाने की कोशिश की गई है। सुधीर कुमार दिवाकर ने न्यायालय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो

मौसम का हाल : उमस भरी गर्मी से परेशान लोग

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद।
जिले में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान में वृद्धि और उच्च आर्द्रता स्तर के कारण लोग घरों में बंद रहने को मजबूर हैं।मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। आर्द्रता स्तर 85% तक पहुंच गया है, जिससे गर्मी और अधिक असहनीय हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है।शहर के निवासियों का कहना है कि उमस भरी गर्मी से उनके दैनिक कार्यों में बाधा आ रही है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे इस मौसम से अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। जिले के लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि गर्मी से निजात मिल सके और मौसम सुखद हो सके।

संपूर्ण समाधान दिवस: जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में 95 शिकायतें आईं

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में तहसील अमृतपुर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से कुल 95 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 06 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। राजस्व विभाग: 34 शिकायतें, विकास विभाग: 16 शिकायतें, पुलिस विभाग: 20 शिकायतें, विद्युत विभाग: 05 शिकायतें, कृषि विभाग: 02 शिकायतें, अन्य विभागों: 18 शिकायतें आईं जिनमे जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का शासन की मंशा के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के अंदर निस्तारण किया जाए। संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर, और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस की प्रक्रिया को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहयोग किया।