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Tuesday, February 10, 2026
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सावन में भूलकर भी ना करें ये काम, कुपित हो जाएंगे भोलेनाथ

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Sawan
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सावन (Sawan) का महीना शिवभक्ति के लिए जाना जाता हैं। इस महीने में सभी शिव की कृपा पाने के लिए आस्था दिखाते हुए पूजन करते हैं। सभी इन दिनों में मंदिर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजा-पाठ और आराधना करते हैं ताकि विशेष फल की प्राप्ति हो सकें। लेकिन इस दौरान कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी हैं। जी हां, शास्‍त्रों में सावन (Sawan) के महीने को लेकर कुछ नियमों के बारे में बताया गया है जिनका ध्यान रखा जाए तो आपके लिए फलदायी साबित होता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि सावन के दौरान आपको कौनसे काम करने चाहिए और कौनसे नहीं। आइये जानें…

सावन (Sawan) में करें ये काम

– सावन (Sawan) के महीने में हर सोमवार को व्रत रखना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभदायक है और धार्मिक दृष्टि से भी इसका काफी महत्‍व है। पूरे महीने के हर सोमवार को व्रत रखें।
– सावन के पूरे महीने में रोजाना शिवजी के मंदिर जाकर पूजा करनी चाहिए।
– व्रत रखने वाले लोगों को महामृत्‍युंजय मंत्र का रोजाना कम से कम 108 बार जप करना चाहिए।
– भगवान शिव की पूजा करते वक्‍त या फिर जलाभिषेक करते समय ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
– भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करने के साथ ही दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का पंचामृत बनाकर अभिषेक करें।
– हिंदू धर्म में रुद्राक्ष धारण करना बहुत ही अच्‍छा माना जाता है। अगर आप भी इसे पहनने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए सावन का महीना सबसे अच्‍छा होता है।
– प्रत्‍येक सोमवार को सावन सोमवार व्रत कथा सुनें। इस कथा को भगवान शिव के पूरे वृतांत माना गया है।

सावन (Sawan) में ना करें ये काम

– सावन (Sawan)  के महीने में जहां तक संभव हो दूध का सेवन न करें। साथ ही शिव की कृपा पाने के लिए पूरे महीने सात्विक भोजन करें।
– इस माह में मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन बंद कर देना चाहिए। सावन के महीने में इन सबके सेवन को पाप माना जाता है।
– हमेशा ध्यान रखें कि जब भी भगवान शिव की पूजा करें तो शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं। हल्दी जलाधारी पर चढ़ानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि हल्दी स्त्री से संबंधित वस्तु है। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए। जलाधारी स्त्री तत्व से संबंधित है और ये माता पार्वती की प्रतीक है।
– धर्म शास्त्र में बताया गया है कि सावन में हरी सब्जी नहीं खाना चाहिए। इससे विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। स्वास्थ दृष्टि से देखा जाए तोसाग में पित्त बढ़ाने वाले तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। यही कारण है कि सावन में साग खाना वर्जित माना गया है।
– कहा जाता है कि सावन के महीने में सुबह के समय शिव का ध्यान करने से शिव जी प्रसन्न हो जाते है। साथ ही इस माह में जरूरत के हिसाब से ही सोएं।
– सावन (Sawan) के महीने में ध्यान रखें कि किसी बड़े- बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता का अपमान न करें। महादेव ऐसे लोगों से बिल्कुल भी खुश नहीं होते है जो बड़े लोगों का अपमान करते हैं।
– सावन के महीने में घर या बाहर किसी से लड़ाई-झगड़ा करने से बचें और किसी का भूल से भी अपमान करें।
– व्रत रखकर दिन के समय सोना नहीं चाहिए क्योंकि यह भगवान शिव का अपमान माना जाता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप दिन के समय ना सोएं और सुबह-शाम भगवान की अराधना करें।
– व्रत रखकर महिलाओं को बाल व नाखून नहीं काटने चाहिए। साथ ही पुरुष भी दाढ़ी ना बनाएं। यह अशुभ माना जाता है और इससे घर में दरिद्रता आती है।
– व्रत रखने वालों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही चमड़े से बनी चीजें जैसे चप्पल, बेल्ट व बैग आदि का भी यूज ना करें।
– भगवान शिव को पर्यावरण बेहद प्रिय था इसलिए इस दौरान पेड़ों को काटने चाहिए। वैसे सिर्फ सावन ही नहीं बल्कि कभी भी पेड़ों को नहीं काटना चाहिए।

कमालगंज थानाध्यक्ष की विदाई: व्यापारी और नगर के गणमान्य लोगों ने दी भावपूर्ण विदाई

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यूथ इंडिया संवाददाता
कमालगंज, फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र के लोकप्रिय थानाध्यक्ष, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान कीं, को आज नगर के व्यापारियों और गणमान्य लोगों ने एक भावपूर्ण विदाई दी।
थानाध्यक्ष का कार्यकाल नगरवासियों के लिए यादगार रहा, जिसमें उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में शांति और सुरक्षा में सुधार हुआ, जिससे स्थानीय व्यापार और जनजीवन को काफी लाभ हुआ।
विदाई समारोह में व्यापारी वर्ग, समाजसेवी, और अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए। सभी ने थानाध्यक्ष के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। थानाध्यक्ष अब एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) में नई जिम्मेदारी संभालेंगे, जहाँ उनकी योग्यता और अनुभव का लाभ पुलिस विभाग को मिलेगा। उनके नई भूमिका में भी सफलता की कामना की जाती है।

बरसात मे सब्जियों पर मंहगाई, टमाटर हुआ लाल तो तीखी हो गई हरी मिर्च, थाली से गायब हो रहीं सब्जियां

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। विपक्षी दल भाजपा द्वारा तत्कालीन मनमोहन सरकार के खिलाफ फिल्म पीपली लाइव का गाना सखी, सैयाँ, तो खूबई कमात हैं, मँहगाई डायन खाए जात है.. की गुंजमाय रही। इसी के साथ अच्छे दिन के वादे के साथ कांग्रेस की सरकार को उखाड़ फेंक मोदी सरकार आ गई। मोदी सरकार को 11 साल हो गए, लेकिन आमनागरिकों के मुताबिक एक दशक में महंगाई से जूझते हुए उनके अच्छे दिन कभी आए ही नहीं, बल्कि और बुरे दिन हो गए। आम नागरिकों को कहना है कि पहले कमाई ठीक थी तो महंगाई सह लेते थे, अब तो आमदनी भी घट गई और महंगाई में जबरदस्त उछाल है। आम नागरिकों का कहना है कि इससे अच्छे तो एक दशक पहले बुरे दिन ही रहे, वही लौटा दो हमें। बरसात में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सब्जियों के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। एक माह पहले जहां सब्जियों के दाम लगभग सामान्य थे। लोग 100 रुपये की सब्जी खरीद कर ले जाते थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि जहां 100 रुपये की सब्जी खरीदते थे, वही सब्जी आज दोगुने से ज्यादा यानि 200 से 300 रुपये में खरीदने पड़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण है, सब्जियों का आवक कम होना और बिचौलियों की मनमानी। सब्जियों के यह बढ़े हुए दाम किसानों को नहीं मिल रहे, बल्कि बिचौलियों की बल्ले-बल्ले हो रही है। यही कारण है कि सब्जियों के दाम में जबरदस्त उछाल आया है। आम गरीब हो या खास आलू व प्याज सब्जी की जान होती है, बच्चे हों या बड़े सभी को आलू व प्याज तो चाहिए ही, लेकिन घरों में सबसे अधिक खपत होने वाली आलू व प्याज की दामों में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बताते चलें कि आलू की पैदावारी में फर्रुखाबाद जनपद देश में सबसे अव्वल हैं। जहां नया आलू जब आता है तो कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ पुराना आलू फेंकने तक की नौवत आ जाती है।

कन्या विद्या पीठ इंटर कालेज का फर्श धसा, छात्राएं बाल बाल बची

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यूथ इंडिया संवाददाता
कायमगंज। कन्या विद्या पीठ इंटर कालेज के रसोई घर के बरामद व कक्षा 6 का फर्श धसने से छात्राएं बाल बाल बच गई। यह हादसा इंटरवल के समय एमडीएम लेते समय हुआ। फर्श धसने से छात्राओं में भगदड़ मच गई और छात्राए जूता, चप्पल, बैग, टिफिन, पानी की बोतल साइकिल छोडक़र घरों की ओर भाग खड़ी हुई है। हादसे की जानकारी पर एसडीएम, सीओ, डीआईओएस, नोडल अधिकारी समेत भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और जांच की। जांच में पाया गया कि पिलर में दरार पड़ गई है। चैंबर ब्लाक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है जिससे पानी रिसता रहा। बिल्ंिडंग जर्जर हो चुकी है।
नगर के लोहाई बाजार स्थित कन्या विद्या पीठ इंटर कालेज में साढे दस बजे इंटरवल हुआ। बच्चे एमडीएम लेने के लिए रसाईघर की ओर गए। इसी बीच अचानक रसोई घर के बरामदे की फर्श धस गई और कुछ ही देर में कक्षा 6 की ओर की भी फर्श धस गई। यह देख रसाईयों व छात्राओं में चीख पुकार मच गई। तभी एक छात्रा घस रही फर्श के नीचे जाने लगी। बच्चों ने उसे खीचा और बाहर निकाला। इससे उसका जूता वही रह गया। हादसे से कालेज में हडकंप मच गया। प्रधानाचार्य विश्व मोहिनी पांडेय व समस्त स्टाफ मौके पर दौड़ा और धसी जमीन देख कर हाथ पांव फूल गए। चीखपुकार मच गई। सभी शिक्षिकाए व स्टाफ पहली, दूसरी व तीसरी मंजिल से बच्चों को निकालने में जुट गए। फर्श धसनें की जानकारी पर छात्राओं में भगदड़ मच गई। छात्राए चीखपुकार करती रोती हुई कालेज से बाहर निकली। वह जूते, बैग व लंच, अपनी साइकिल छोड़ कर भागने लगी। छात्राएं जब रोती हुई बाहर निकली तो आसपास के दुकानदारों में भी हडकंप मच गया। उन्होंने जानकारी ली तो देखते ही देखते पूरे शहर में स्कूल का फर्श धसने की जानकारी फैल गई। सैकड़ों की संख्या में अभिभावक, दुकानदार व नगरवासी मौके पर पहुंच गए। जानकारी पर एसडीएम रवींद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी जयसिंह परिहार, कस्बा चैकी प्रभारी विद्या सागर तिवारी मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर रामअवतार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शेष रही गई स्कूल की छात्राओं को बाहर निकाला और कालेज के अंदर घुसी भीड़ को भी बाहर निकाला। एसडीएम ने प्रधानाचार्य से घटना के बारे में बात की। इस पर प्रधानाचार्य ने बताया कि सभी छात्राएं घर जा चुकी है। कोई छात्रा चुटहिल नहीं हुई है। इस पर एसडीएम ने मौके का जायजा लिया और साथ ही तीनों मंजिलों पर जाकर जांच की। जहां देखा जिस हिस्से में जमीन धसी है। उसके ऊपर के हिस्से के पिलर व दीवार में दरारे आई है। इससे संभावता व्यक्त की गई यदि पिलर ढह जाता तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। उन्होंने यह भी देखा कि घसी जमीन के पास पानी निकासी के लिए बना चेंबर चोक था जिसमें पानी निकासी नहीं हो रही थी। इससे अनुमान लगाया कि कही ऐसा तो नहीं इससे पानी नीचे की ओर रिस रहा हो और उसने जमीन को खोखला कर दिया हो। इधर कालेज के बाहर भीड़ होने पर एसडीएम बाहर निकले और एनाउंसमेंट किया और अंदर के हालात के बाहर बारे में सभी को बताया और कहा कि सभी छात्राए सुरक्षित है। उनको घर भेज दिया गया है। भीड़ न लगाए। उन्होंने रो रही महिला अभिभावकों को समझाया और कहा सभी सुरक्षित है। वह उनकी बेटियां है। किसी को थोड़ी सी भी चोट नहीं लगी है। इस पर महिलाए शांत हुई और घर के लिए रवाना हुई।
कालेज में 590 छात्राओं के साथ था स्टाफ
कायमगंज। नगर के कन्या विद्या पीठ इंटर कालेज में करीब 11 सौ छात्राए अध्यनरत है। शनिवार को 590 छात्राए उपस्थित थी। जिस जगह हादसा हुआ। उस जगह पर कक्षा 6 में 76 पंजीकृत छात्राओं के सांपेक्ष 55 छात्राए उपस्थित थी। जब हादसा हुआ और जैसे ही अभिभावकों को पता चला तो वह मौके पर आ गए और अपनी बेटियों को खोजने लगे। वह रो रहे थे। लेकिन स्कूल स्टाफ ने घर जाने की बात कही तो वह शांत हुए तो अभिभावकों अपने अपने घरों में फोन करके पता करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शी रसोईयों ने बताई हकीकत
कायमगंज। इस हादसे की प्रत्यक्षदर्शी रसोईया राधा देवी, रमा, लक्ष्मी का कहना है वह छात्राओं को खाना बांट रहीं थी तभी जमीन घसी। इस पर उन्होंने छात्राओं को दूसरी ओर प्रार्थना सभा की तरफ किया। इसी दौरान बच्ची का जूता उतर गया और उसे वहां से निकाला गया।
मानक बिहीन मिला स्कूल, सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं
कायमगंज। कन्या विद्या पीठ में जमीन घसने की जानकारी पर डीआईओएस एपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश पाल जीआईसी भटासा कालेज के प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारी डा. महेश चंद्र राजपूत मौके पर पहुंचे। वही कालेज के संरक्षक डा. वीरेंद्र सिंह गंगवार, उनके पुत्र मृदुल गंगवार, नगर पालिका चेयरमैन डा. शरद गंगवार मौके पर पहुंचे। जहां संरक्षक ने बताया कि इस कालेज का निर्माण 1962 से 1965 तक हुआ था। उसके बाद 1966 में मान्यता मिली। 1970 में उद्घाटन हुआ। उन्होंने कहा कि यह जमीन चुना कुवंर ट्रस्ट की है जो 10 रुपए के स्टाम्प पर दान कालेज के लिए दान में मिली थी। इस पर एसडीएम ने कहा बिल्डिंग जर्जर है। इसके लिए रिपेयर की क्या व्यवस्था क्यो नहीं की गई। इस पर प्रधानाचार्य ने कहा कि 23 अगस्त 2023 को प्रबंध समिति को पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने छज्जा व बाउन्ड्रीवाल क्षतिग्रस्त का उल्लेख किया था। इस पर संरक्षक ने कहा उनके पास फंड नहीं है। यहां से कोई धनराशि नहीं मिलती है। उन्होंने छात्राओं की जान कैसे जोखिम में डाल सकते है। यह समाधान होना चाहिए थे। कमेटी की बैठक में क्या यह बात नहीं रखी गई। एसडीएम ने कहा कि इसकी इतनी सकरी गली है। यह स्कूल अमानक से कैसे चलता रहा। इस पर संरक्षक ने कहा कि इसका गेट और भी है। इस पर एसडीएम ने कहा वह भी मानक के अनुसार नहीं है। एसडीएम को बताया कि स्कूल में 12 कक्ष छात्राओं के अध्ययन के लिए है। जबकि आफिस समेत अन्य कक्ष करीब 5 है। जब एसडीएम ने सुरक्षा के बारे में पूछा और वहां लगे अग्निशमन यंत्र पर नजर डाली तो देखा तो सभी 2022 में ही एक्सपायर हो चुके थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
इनसेट
छात्राओं के लिए नहीं है साइकिल स्टैंड, न खेलने के लिए मैदान
कायमगंज। लोहाई बाजार में स्थित कन्या विद्या पीठ मुख्य बाजार में बना हुआ है। यह इलाका बेहद सकरा है। प्रवेश के लिए ढाई फुट चैड़ी गई है। इसमें एक छात्रा के अलावा दूसरा नहीं निकल सकता। वही इस स्कूल का दूसरा गेट जो पीछे की तरफ वह भी इसी तरह सकरा है। गलियों में बिजली के जर्जर अवस्था में लटक रहे है। इससे किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। विद्यालय में छात्राओं के साइकिल खड़ी करने के लिए कोई स्टैंड नहंी है न ही उनके खेलने कूदने के लिए स्थान है। प्रार्थना स्थल के समीप साइकिल खड़ी कर दी जाती है।
प्रशासन का आदेश, अब स्कूल में नहीं लगेगी कक्षाएं
कायमगंज। कन्या विद्या पीठ में फर्श धसने की घटना पर नगर व क्षेत्र में हडकंप मचा है। लोग भगवान का बार बार शुक्रिया अदा कर रहे है कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। उनका कहना है यदि पिलर या दीवार गिर जाता तो किसी बड़ी अनहोनी इनकार नहीं किया जा सकता है। सुरक्षा को लेकर एसडीएम व डीआईओएस ने अग्रिम आदेश तक स्कूल को बंद कर दिया है। इसमें कक्षाए नहीं लगेगी। प्रशासन प्रबंधक समिति व प्रधानाचार्य के बीच वार्ता कर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए रामनारायण महिला डिग्री कालेज की बिल्डिंग को लेकर सहमति बनी कि तब तक छात्राए उस बिल्डिंग में पढ़ेगी। डीआईओएस ने बताया कि प्रबंध समिति ने उनके एक अन्य रामनारायण महिला डिग्री कालेज में वैकल्पिक व्यवस्था कराने की बात कही है। प्रधानाचार्य विश्व मोहिनी पांडेय ने बताया कि दस दिन के अंदर रामनारायण कालेज में कक्षाए संचालित की जाएगी।

रोस्टर के अनुसार नहीं मिलती बिजली शासनादेश पर दौडाये जा रहे कागजी घोड़े

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर फर्रुखाबाद। बिजली की समस्याओं को लेकर विद्युत कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं या फिर इन जिम्मेदारियां को सही तरीके से निभाने में फेल हो रहे हैं।
शासनादेश जारी होता है और शहर तहसील क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों को रोस्टर के अनुसार बिजली देने के निर्देश भी दिए जाते हैं। परंतु इन शासनादेश की पूर्ति के लिए विभाग द्वारा कागजी घोड़े दौडाये जाते हैं। सरकार के निर्देश पर विद्युत कॉरपोरेशन की बैठक में नए निर्देश जारी किए गए जिसमें दिखाया गया कि शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे तहसील क्षेत्र को 21 घंटे 30 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे विद्युत सप्लाई की जाए। परंतु क्या इन निर्देशों का पालन सही ढंग से किया जाएगा और शासनादेश के अनुसार उपभोक्ताओं को बिजली मिल पाएगी। विद्युत विभाग अपने उच्च अधिकारियों को सप्लाई के जो आंकड़े जारी करता है वह पूरी तरीके से सफेद झूठ होते हैं। को गंगा पार क्षेत्र में बिजली सप्लाई के जो आंकड़े सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं।
पिछले दिनों तहसील उपकेंद्र की मशीनों में खराबी के चलते 12 घंटे से अधिक बिजली गुल रही। उत्तर प्रदेश सरकार अगर अपने शासनादेश पर अधिकारियों और कर्मचारियों से अमल करवाना चाहती है तो फिर उसे अपनी नई रूलिंग भी जारी करनी होगी। जिसके लिए या तो इन लापरवाह अधिकारियों की सैलरी कम की जाए अथवा इन्हें डिमोशन दिया जाए या फिर अन्य कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसी के साथ विभाग को चाहिए कि जो समस्याएं सामने आ रही हैं उन समस्याओं को भी दूर किया जाए।

सदर तहसील दिवस में आयींं 102 शिकायतें, 4 का मौके पर निस्तारण

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सदर तहसील का समाधान दिवस अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति की अध्यक्षता में आयोजित किया गया जिसमे अपर पुलिस अधीक्षक डा. संजय सिंह भी मौजूद रहे।
समाधान दिवस में कुल 102 शिकायते आई जिसमे केवल 4 शिकायतो का ही मौके पर निस्तारण किया गया।अवशेष शिकायतो का निस्तारण हेतु विभिन्न विभागो में अग्रसारित कर दिया गया। विभिन्न शिकायतो में राजस्व विभाग की 39, पुलिस विभाग की 18, चकबंदी की 2, विद्युत विभाग की 13, विकास विभाग की 16, अन्य विभागों की 9 शिकायते आई। राजस्व में अधिकांश शिकायते कब्जे करने, रास्ता रोकने, गली विवाद, दरवाजा न निकलने देने की समस्या के अलावा गन्दगी,जलभराव एवम् बजबजाती हुई नालियां प्रमुख रूप से थी। समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी रजनीकांतपांडेय, तहसीलदार श्रद्धा पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद रवींद्र राय, सहित विभिन्न विभागो के प्रभारी मौजूद रहे।