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Friday, February 13, 2026
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कोलकाता कांड पर फूटा हरभजन सिंह का गुस्सा, ममता बनर्जी को लिखा पत्र

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Harbhajan Singh
Harbhajan Singh

नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। अब टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) का इस पूरे मामले पर बयान आया है। भज्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर पीड़िता को न्याय मिलने में हो रही देरी पर अपनी ‘गहरी पीड़ा’ व्यक्त की है।

‘महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से समझौता नहीं’

हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने अपने X अकाउंट पर पत्र साझा करते हुए लिखा, ‘कोलकाता रेप-मर्डर केस की पीड़िता को न्याय में देरी पर गहरी पीड़ा के साथ, इस घटना ने हम सभी की अंतरात्मा को हिलाकर रख दिया है। मैंने पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल के राज्यपाल से हार्दिक निवेदन किया है। उनसे आग्रह है कि वे तेजी से और निर्णायक रूप से कार्रवाई करें।’

हरभजन (Harbhajan Singh) कहते हैं, ‘महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। इस जघन्य अपराध के अपराधियों को कानून की पूरी मार झेलनी चाहिए और सजा अनुकरणीय होनी चाहिए। तभी हम अपने सिस्टम में विश्वास बहाल कर सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसी त्रासदी फिर कभी न हो। साथ ही हम एक ऐसा समाज बना सकें जहां हर महिला सुरक्षित और संरक्षित महसूस करें। हमें खुद से पूछना चाहिए- अगर अभी नहीं, तो कब? मुझे लगता है, कार्रवाई का समय अब ​​आ गया है।’

हरभजन (Harbhajan Singh) ने दो पन्नों के पत्र में ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी।वी। आनंद बोस और भारत के नागरिकों को संबोधित किया। हरभजन ने अपने पत्र में लिखा, ‘हिंसा के इस अकल्पनीय कृत्य ने हम सभी की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। यह न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ जघन्य अपराध है, बल्कि हमारे समाज में हर महिला की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर हमला है। यह हमारे समाज में गहराई से जड़ें जमाए हुए मुद्दों का प्रतिबिंब है और अधिकारियों द्वारा प्रणालीगत बदलाव और कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता की स्पष्ट याद दिलाता है।’

‘एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका’

पत्र में आगे लिखा गया है, ‘इस तरह की क्रूरता एक चिकित्सा संस्थान के परिसर में घटित हुई, जो कि उपचार और जीवन बचाने के लिए समर्पित स्थान है। यह काफी चौंकाने वाला और अस्वीकार्य है। एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है और हमें अभी तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली, जिसके कारण डॉक्टरों और चिकित्सा समुदाय को सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा है।

चिकित्सा समुदाय पहले से ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहा है। ऐसी घटनाओं के बाद हम उनसे समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जबकि उनकी अपनी सुरक्षा इतनी गंभीर रूप से खतरे में है।’

अज्ञात युवक ने ट्रेन से कूदकर की आत्महत्या, दो टुकड़ों में बंटा शव

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यूथ इंडिया संवाददाता
कायमगंज।
कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन पर आज सुबह दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक अज्ञात युवक ने बांद्रा-लखनऊ एक्सप्रेस के आते ही ट्रेन की पटरी पर लेटकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुँची, युवक अचानक पटरी पर लेट गया, जिससे ट्रेन के गुजरते ही उसका शरीर दो खंडों में बंट गया। इस घटना से स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल, युवक की पहचान नहीं हो पाई है, और पुलिस इस घटना की जांच में जुटी है। रेलवे स्टेशन पर हुई इस दर्दनाक घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है, और स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया है।

हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद एबी इंटर कॉलेज शमसाबाद की कमेटी के चुनाव कराने पर प्रशासन की मनमानी

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यूथ इंडिया संवाददाता
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। अकस्बा के एबी इंटर कॉलेज की कमेटी के चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट के स्पष्ट स्थगनादेश के बावजूद, डीआईओएस और एसडीएम की ओर से जबरन चुनाव कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व एसडीएम अमित असेरी और अनिल कुमार ने चुनाव कराने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि वे हाईकोर्ट के आदेश का पालन कर रहे थे और अवमानना के डर से कोई कार्रवाई नहीं की थी। लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारियों पर बीजेपी नेता विजय गुप्ता का दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिसके चलते ये चुनाव कराने की कोशिश हो रही है।
गौरतलब है कि एबी इंटर कॉलेज शमसाबाद की वर्तमान प्रबंधक समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम फारूखी हैं। प्रशासन की इस हरकत से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उन्हें इस पद से हटाने के लिए अवैध चुनाव का रास्ता अपनाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों और कॉलेज से जुड़े सदस्यों में भारी नाराजगी है। हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस विवादास्पद चुनाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे और क्या हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनता है।
बता दें कि इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा स्पष्ट स्थगनादेश भी है,जिस कारण अवमानना के भय से पूर्व तैनात एसडीएम अमित असेरी और अनिल कुमार ने चुनाव नहीं कराने का निर्णय लिया था।बता दें कि बीजेपी नेता विजय गुप्ता के दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका में हैं।

एसपी आलोक प्रियदर्शी ने जिले में चलाई तबादला एक्सप्रेस, 13 दरोगाओं की तैनाती में फेरबदल

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस विभाग में एक बड़े फेरबदल के तहत 13 दरोगाओं की तैनाती में बदलाव किया है। विवरण के अनुसार थाना कायमगंज में तैनात उप निरीक्षक कीर्ति प्रकाश कनौजिया को फर्रुखाबाद कोतवाली के नखास चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है।नखास चौकी इंचार्ज राहुल कुमार को याकूतगंज चौकी का इंचार्ज बनाया गया है।थाना कमालगंज के खुदागंज चौकी इंचार्ज दीपक कुमार भाटी को आईटीआई चौकी का इंचार्ज नियुक्त किया गया है।थाना मऊ दरवाजा में तैनात शिव कुमार को खुदागंज चौकी का इंचार्ज बनाया गया है।आईटीआई चौकी इंचार्ज सुरजीत कुमार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना कायमगंज नियुक्त किया गया है।वरिष्ठ उप निरीक्षक थाना कादरी गेट जगदीश वर्मा को थाना राजेपुर भेजा गया है।थाना कादरी गेट में तैनात सुनील कुमार सिसोदिया को वरिष्ठ उप निरीक्षक थाना राजेपुर नियुक्त किया गया है।पुलिस लाइन में तैनात सुंदरलाल को न्यायालय सुरक्षा में तैनात किया गया है।कोतवाली फतेहगढ़ में तैनात मिथलेश कुमार को शमशाबाद थाना भेजा गया है।सुरेश सिंह को कोतवाली मोहम्मदाबाद भेजा गया है।
कोतवाली फर्रुखाबाद में तैनात उप निरीक्षक भभूति प्रसाद को वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना कंपिल नियुक्त किया गया है।थाना कंपिल में तैनात यशवंत सिंह यादव को फर्रुखाबाद कोतवाली में तैनात किया गया है।कोतवाली फतेहगढ़ में तैनात दरोगा राजेश सिंह को कोतवाली मोहम्मदाबाद भेजा गया है। इस तबादला एक्सप्रेस के बाद जिले के विभिन्न थानों में पुलिस व्यवस्था में नए परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

राशन वितरण में गड़बड़ी पर सख्त चेतावनी: अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। राशन वितरक अमर सिंह के खिलाफ लगातार तीन महीने से राशन न देने की शिकायतें सामने आई हैं। कई कार्डधारकों ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इस मामले की जांच की गई।
7 अगस्त 2024 को अमर सिंह को राशन वितरित करने के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन 9 अगस्त 2024 को की गई जांच में पाया गया कि उन्होंने अभी तक राशन का वितरण नहीं किया था। कई प्रभावित कार्डधारकों ने बताया कि उन्होंने अमर सिंह की दुकान पर कई बार राशन लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें विभिन्न बहानों के साथ वापस भेज दिया गया। कार्डधारकों ने यह भी शिकायत की कि आश्वासन मिलने के बावजूद उन्हें आज तक राशन नहीं मिला है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूर्ति निरीक्षक ने अमर सिंह और क्षेत्र के सभी राशन विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन वितरण के नियमों का पालन न करने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षक ने आगे बताया कि राशन का समय पर और सही तरीके से वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।
कई कार्डधारकों, जिनमें श्रीमती तिवारी, श्रीमती आशा और अन्य शामिल हैं, ने राशन वितरण में विफलता के बारे में विस्तार से बयान दिए हैं। सभी ने अपनी परेशानी और आवश्यक आपूर्ति की कमी से होने वाली कठिनाइयों को साझा किया।
निरीक्षक ने सभी कार्डधारकों को आश्वासन दिया कि तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, और आगे किसी भी शिकायत पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राशन वितरण प्रणाली कुशलता से काम करे और कोई भी लाभार्थी अपने हक से वंचित न रह जाए।

मां-बेटे का रहस्यमय गुमशुदगी मामला: पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच अधिकारी नियुक्त

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी से मां-बेटे के अचानक गायब होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान 16 वर्षीय करिया और उसकी मां आशीषा के रूप में हुई है, जो 17 जून 2024 की सुबह से लापता हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करिया अपनी मां के साथ घर से निकला था और फिर दोनों का कुछ पता नहीं चला। करिया के पिता संजय, जो कि इस मामले के शिकायतकर्ता हैं, ने पुलिस को सूचित किया कि उनका बेटा अक्सर अपने दोस्तों के साथ रेलवे स्टेशन पर पानी की बोतलें बेचता था। संजय ने बताया कि जब वह शाम तक घर नहीं लौटा, तो उन्होंने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच के लिए राघवेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने एफआईआर नंबर 872838458 के तहत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गुमशुदा मां-बेटे की तलाश में जुट गई है।
इस मामले में शिकायतकर्ता संजय ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने संबंधित जानकारी पुलिस को दी है और आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा हो सकेगा।