यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। दरगाह हजरत मकदूम शाह सैय्यद शाहबुद्दीन ओलिया लोको का तीन दिवसीय उर्स 21 अगस्त से शुरू होगा। इस बार के उर्स की देखरेख सज्जादानशीन शाह मुहम्मद शरीफ उर्फ मोहब्बत शाह और नायब सज्जादानशीन शाह मो. वसीम करेंग।
20 अगस्त को सुबह कुरान ख्वानी, सायंकाल 6 बजे चिरागा रोशनी,रात ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मो. नूरूल अराफात मकनपुर और शाहिद मदारी द्वारा तकरीर की जाएगी,21 अगस्त को सुबह 11 बजे कुरान खानी,2 बजे चादर गागर का जुलूस दरगाह से प्रारंभ होकर लोको कालोनियों से गुजरते हुए दरगाह पहुंचेगा। लंगर का आयोजन भी किया जाएगा रात 10.30 बजे महफिले कव्वाली का आयोजन होगा जिसमें राजू मुरली शाहजहांपुर, शाहवेज वारसी बाराबंकी और कमालुद्दीन अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।22 को सुबह 9:30 बजे पेगामे इंसानियत मीडिया वार्ता का आयोजन किया जाएगा जिसमें सज्जादा नशीन सबिरे पाक कलियर शरीफ उत्तराखंड और अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मिया भाग लेंगे।कुल शरीफ उत्पाशचात लंगर आम तकसीम किया जाएगा।
उर्स के इस भव्य आयोजन में सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
तीन दिवसीय उर्स का आयोजन दरगाह हजरत मकदूम शाह सैय्यद शाहबुद्दीन ओलिया लोको में
फिल्म जगत में जनपद का नाम रोशन कर रहे युवा कलाकार रैना कुशवाहा
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद की कला प्रतिभाओं का एक नया नाम उभरकर सामने आया है—रैना कुशवाहा। गंगा पार क्षेत्र के छोटे से गांव गांधी के निवासी रैना ने फिल्म और टीवी जगत में अपनी पहचान बनाई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि जनपद की धरती कलाकारों से अछूती नहीं है।
रैना कुशवाहा ने टीवी सीरियल्स और हिंदी-भोजपुरी फिल्मों में अपनी भूमिका निभाकर फिल्म उद्योग में अपनी जगह बनाई है। उनके अभिनय की काबिलियत और मेहनत ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुंचाया है। आने वाले साल 2025 में उनकी एक नई फिल्म की शूटिंग शुरू होने जा रही है, जिसका प्रोडूसर कन्नौज के दारा सिंह जी होंगे।
हाल ही में रैना के दो एल्बम रिलीज हुए हैं, जिनकी पब्लिक ने काफी सराहना की है। रैना ने अपने प्रशंसकों से वादा किया है कि अगर उन्हें ऐसा ही प्यार और समर्थन मिलता रहा, तो वह अपने शहर फर्रुखाबाद के लिए कुछ ऐसा करेंगे जो हमेशा याद रखा जाएगा। रैना कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने किसी औपचारिक संस्थान से अभिनय की शिक्षा नहीं ली, बल्कि यह कला उनके अंदर स्वाभाविक रूप से विद्यमान थी। उन्हें उस कला को पहचानने और संवारने का मौका मिला, जिसके चलते वह आज इस मुकाम पर हैं।
रैना ने सुझाव दिया कि जनपद फर्रुखाबाद में भी अभिनय कला का विकास होना चाहिए और यहां की प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनका मानना है कि अगर स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे भी फिल्म और टीवी जगत में बड़ा नाम बना सकती हैं।
पुलिस लाइन्स फतेहगढ़ में 28वीं अन्तर्जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। फतेहगढ़ के पुलिस लाइन्स में कानपुर पुलिस जोन द्वारा आयोजित 28वीं अन्तर्जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता वर्ष 2024 का उद्घाटन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक महोदय ने किया। इस समारोह में उच्च पदस्थ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस खेलकूद आयोजन के महत्व और उद्देश्य को रेखांकित किया।
उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी ने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए कहा कि एथलेटिक्स प्रतियोगिता केवल खेल नहीं, बल्कि पुलिस विभाग में एकता, अनुशासन और फिटनेस के प्रतीक के रूप में कार्य करती है। उन्होंने खेलों के माध्यम से टीम भावना और नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से न केवल पुलिसकर्मियों की फिटनेस में सुधार होगा, बल्कि यह उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाएगी।
उन्होंने सभी खिलाडिय़ों से खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अपील की और उन्हें उनकी मेहनत और समर्पण के लिए सराहा।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न एथलेटिक्स इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, और 1500 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, और शॉट पुट जैसे खेल शामिल हैं। इस अवसर पर, खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता दिखाने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने खिलाडिय़ों को उत्साहित किया और उनकी सफलता की कामना की। प्रतियोगिता की शुरुआत से ही माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ था, और खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लेकर काफी उत्सुक दिखे।
यह आयोजन कानपुर पुलिस जोन के विभिन्न जिलों के पुलिसकर्मियों के बीच भाईचारा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं, बल्कि पुलिस विभाग में सामंजस्य और एकता को भी मजबूत करती हैं।
शहर में रक्षाबंधन की धूम, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर रही भारी गहमागहमी
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। नगर में रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षा का वचन लिया, और भाइयों ने भी अपनी बहनों की सुरक्षा का संकल्प दोहराया। मंदिरों में भी रक्षा सूत्र बांधने का सिलसिला जारी रहा, जहां लोगों ने एक-दूसरे को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस प्रकार, रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार शांतिपूर्वक और गर्मजोशी से संपन्न हुआ।
नेकपुर चौरासी स्थित गायत्री इंटरनेशनल स्कूल में हर साल की तरह इस वर्ष भी रक्षाबंधन का उत्सव मनाया गया। बहनों ने पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल और उनकी पत्नी, नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल की कलाई पर राखी बांधकर त्यौहार को और भी खास बना दिया। मनोज अग्रवाल, जो कई वर्षों से सामूहिक विवाह का आयोजन करते आ रहे हैं, उन सभी कन्याओं को अपना बहन मानते हैं, जिन्होंने उनके कार्यक्रमों के माध्यम से विवाह किया है। इस वर्ष भी लगभग 400 बहनों ने मनोज अग्रवाल, वत्सला अग्रवाल और उनके पुत्र देवांश अग्रवाल की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ और लंबी उम्र की कामना की। इस आयोजन में सन्नू गुप्ता, अरविन्द शुक्ला, अवधेश गुप्ता, सोनू गुप्ता, अन्नू गुप्ता, सौरभ अग्रवाल, बबलू गुप्ता और नगर के कई संभ्रांत नागरिक शामिल रहे।
उधर, सुबह से ही शहर में रक्षाबंधन की धूम देखी गई। राखी बांधने का क्रम सुबह से शुरू हो गया था, हालांकि भद्रा नक्षत्र के कारण विशेष रूप से दोपहर 1:30 बजे के बाद राखी बांधने का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया था। अधिकतर लोगों ने इसी मुहूर्त में राखी का त्यौहार मनाना शुरू किया, जो देर शाम तक उत्साह के साथ चलता रहा। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भारी भीड़ रही, और प्रदेश सरकार द्वारा बहनों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के कारण आवागमन भी लगातार होता रहा। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के बीच यह त्यौहार हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
Kolkata Rape Case: डॉक्टरों ने वापस ली हड़ताल, सरकार को दिया ये अल्टीमेटम
नई दिल्ली। कोलकाता में 31 साल की ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या (Kolkata Rape Case) की घटना के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। डॉक्टर हड़ताल पर थे और लगातार अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चिकित्सा पेशेवरों के लिए हिंसा की रोकथाम और सुरक्षित कार्य स्थितियों पर सिफारिशें करने के लिए 10 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है और अब वे काम पर लौट आएंगे।
डॉक्टरों का कहना है कि हम हड़ताल को 45 दिन के लिए होल्ड कर रहे हैं, अभी वापस ले रहे हैं। देखते हैं कि क्या कार्रवाई हो रही है। डॉक्टर गौतम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी हर बात सुनी है इसलिए हम स्ट्राइक होल्ड कर रहे हैं। अब सभी डॉक्टर काम पर लौटेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के तुरत बाद अलग-अलग डॉक्टर संगठनों ने एक बैठक बुलाई थी। उन्होंने हड़ताल वापस लेने के संकेत दे दिए थे। दरअसल, 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर (Kolkata Rape Case)का शव मिला था, जिसके शव पर कई चोट के निशान थे। इस घटना के बाद देशभर में रोष व्याप्त हो गया और डॉक्टर सड़क पर उतर आए। उन्होंने हड़ताल कर दी, जिससे अस्पतालों का कामकाज ठप हो गया और सिर्फ इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध रही। डॉक्टर को सबसे ज्यादा अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही थी।
10 सदस्यीय NTA तीन सप्ताह में सौंपेगा अंतरिम रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर अहम कदम उठाते हुए 10 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया। अब एनटीए लिंग आधारित हिंसा को रोकने, ट्रेनी डॉक्टरों, निवासी, गैर-निवासी डॉक्टरों के लिए कार्य योजना बनाएगा। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि टास्क फोर्स तीन सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट और दो महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी।
महिला डॉक्टरों की सुरक्षा राष्ट्रीय हित का मसला- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉक्टरों का पैनल देश भर में मेडिकल प्रोफेशनल्स और हेल्थ केयर वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गाइडलाइन तैयार करेगा। डॉक्टरों और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा राष्ट्रीय हित और समानता के सिद्धांत का मामला है।
‘आप काम पर लौटें और आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब हम देखेंगे’, प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से SC ने कहा
देश किसी और बलात्कार की घटना का इंतजार नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था और मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई के लिए लिस्ट किया।
मंकीपॉक्स वायरस को लेकर देश भर में अलर्ट, दिल्ली के 3 हॉस्पिटल बने नोडल सेंटर
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा हाल ही में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के नए वेरिएंट के कारण इसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। इसके मद्देनजर, भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को देश के सभी हवाई अड्डों और पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के साथ लगे सीमावर्ती क्षेत्रों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के मिलने पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
तीन अस्पताल बने मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के नोडल सेंटर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल को मंकीपॉक्स रोगियों (Monkeypox Patient) के इलाज और प्रबंधन के लिए नोडल सेंटर के रूप में चिन्हित किया है। इन अस्पतालों में संभावित रोगियों को आइसोलेशन में रखकर उनका इलाज किया जाएगा। साथ ही, देशभर के सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे भी अपने क्षेत्रों में ऐसे नोडल अस्पतालों की पहचान करें और आम जनता को इसकी जानकारी दें।
सभी राज्य सरकारों को सतर्क रहने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने रविवार को देश में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में देश में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) का कोई मामला नहीं पाया गया है।
हालांकि, किसी बड़े प्रकोप का खतरा होने की संभावना कम है, लेकिन केंद्र सरकार ने एहतियात के तौर पर सभी राज्य सरकारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, 32 लैब के नेटवर्क को भी तैयार रखा गया है ताकि किसी भी संभावित मामले की तुरंत जांच की जा सके।
116 देशों में मंकीपॉक्स के करीब 1 लाख मामले
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से अब तक 116 देशों में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के 99,176 मामले और 208 मौतें दर्ज की गई हैं। इस वर्ष मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के मामलों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जहां अब तक 15,600 से अधिक मामले और 537 मौतें दर्ज की गई हैं। भारत में भी 2022 से अब तक 30 मामले सामने आए हैं, जिसमें से आखिरी मामला मार्च 2023 में पाया गया था।







