लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को चुनौती देने वाले एक बड़े नकल गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सहायक बोरिंग टेक्निशियन मुख्य परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और परीक्षा से संबंधित सामग्री भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कप्तान सिंह, ओम प्रकाश पटेल, राकेश, रविकांत वर्मा, धर्मेन्द्र, लालता प्रसाद, अनुज कुमार, शिव प्रकाश, मनोज, विपिन, धर्मेन्द्र, चन्द्र और दीपक शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से परीक्षा केंद्रों के भीतर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 4 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एक प्रिंटर, प्रवेश पत्र तथा ओएमआर शीट बरामद की हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह कब से सक्रिय था और इससे पहले किन-किन प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे चुका है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच करा रही हैं। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग, परीक्षा केंद्रों के कर्मचारी या बाहरी सहयोगी भी इसमें शामिल थे या नहीं।


