नेतृत्व विवाद पर विराम: सिद्धारमैया–शिवकुमार ने दिया एकजुटता का संदेश

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बंगलूरू| कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने शनिवार को साझा नाश्ते के बाद एकजुटता का मजबूत संदेश दिया। करीब एक घंटे चली इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है और हाईकमान जो भी निर्णय लेगा, वह दोनों के लिए अंतिम होगा।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मीडिया को बताया कि उनके और शिवकुमार के बीच किसी भी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों के कारण अनावश्यक भ्रम की स्थिति बनी, जबकि वास्तविकता यह है कि पार्टी का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनाव और निकाय चुनावों में कांग्रेस को फिर सत्ता में लाना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 140 विधायकों की मजबूती के सामने भाजपा और जेडीएस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी सिर्फ “बेकार की कोशिश” है।

उधर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि वे और मुख्यमंत्री साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता का पूरा समर्थन सरकार के साथ है और राज्य सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। शिवकुमार ने साफ कहा कि नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला हमेशा हाईकमान का ही होता है और वे पार्टी के वफादार सिपाही के रूप में हाईकमान के हर निर्णय को मानने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा इसलिए जोर पकड़ रही है क्योंकि नवंबर में सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। 2023 में जीत के बाद दोनों नेताओं के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान हुई थी। तब समझौते के तहत सिद्धारमैया मुख्यमंत्री और शिवकुमार उपमुख्यमंत्री बने थे। मीडिया रिपोर्टों में ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले का दावा भी किया गया था, जिसे दोनों नेताओं और पार्टी ने कभी स्वीकार नहीं किया। अब सरकार के भीतर दो खेमों की सक्रियता और ढाई साल पूरे होने के बाद एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई थीं, जिन्हें आज दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से नकार दिया।

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