पीलीभीत। नेपाल सीमा से सटे बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खुलवाने को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में 28 महिलाओं, 15 पुरुषों समेत कुल 58 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव करते हुए लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे तहसीलदार और दारोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार बूंदीभूड़ गांव में नौ अप्रैल को अंग्रेजी शराब की दुकान सुनील कुमार मिश्रा तथा देसी शराब की दुकान जगवती के नाम आवंटित हुई थी। दुकान संचालकों ने गांव में शराब की बिक्री शुरू करने के लिए भंडारण भी कर लिया था, लेकिन गांव की महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि गांव में पहले कभी शराब की दुकान नहीं रही और दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा।
गुरुवार को जब प्रशासनिक टीम शराब की दुकान संचालित कराने पहुंची, तब बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष विरोध में उतर आए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पथराव व लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। इस दौरान तहसीलदार का हाथ टूट गया जबकि एक दारोगा का पैर फ्रैक्चर हो गया। उपद्रव के दौरान प्रशासनिक टीम के दो वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
मामले में आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर 43 नामजद और 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा, हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
- घटना के बाद प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है और अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।


