नगर पालिका ने घर-घर बांटे सूखे व गीले कचरे के डस्टबिन
फर्रुखाबाद। शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में नगर पालिका परिषद द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। आवास विकास वार्ड नंबर 10 में नगर पालिका की ओर से सवाई नायक नीरज की टीम के माध्यम से घर-घर जाकर सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन वितरित किए गए। इस पहल से क्षेत्र में फैली गंदगी पर प्रभावी नियंत्रण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर पालिका के इस प्रयास से न सिर्फ घरों में साफ-सफाई बनी रहेगी, बल्कि पॉलिथीन के अत्यधिक उपयोग पर भी रोक लगेगी। जानकारी के अनुसार अब तक अधिकांश घरों में कचरा पॉलिथीन में बांधकर फेंका जाता था, जिससे जब यह कचरा एकत्र होता था तो पॉलिथीन की अधिकता के कारण जमीन दूषित हो जाती थी और उसकी उपजाऊ क्षमता समाप्त हो जाती थी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
नगर पालिका का मानना है कि पॉलिथीन के कारण मिट्टी और पर्यावरण दोनों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। इससे न केवल उपजाऊ जमीन नष्ट हो रही है, बल्कि वायुमंडल में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं भी लगातार बढ़ रही हैं। इन्हीं खतरों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा यह योजना चलाई गई है, जिसे नगर पालिका स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर
सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सकेगा। गीले कचरे से खाद बनाई जा सकती है, जबकि सूखे कचरे का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा सकेगा। इससे कचरे का बोझ कम होगा और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
डस्टबिन वितरण के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि सभी नागरिक सहयोग करें तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
नगर पालिका का संदेश
नगर पालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सूखे और गीले कचरे को निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और पॉलिथीन का प्रयोग कम से कम करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।






