फर्रुखाबाद। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र और बीबीगंज क्षेत्र को पहले से ही भू-माफिया और आपराधिक गिरोहों का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। हालिया घटनाक्रम ने इस छवि को और पुख्ता कर दिया है। करंट से अधेड़ की मौत, जमीन विवाद और ट्रस्टी पर जानलेवा हमले ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इसी थाना क्षेत्र में माफिया अनुपम दुबे और उसके साथियों का लंबे समय से दबदबा रहा है। उसके नेटवर्क में फतेहगढ़ बार का पूर्व सचिव रहे माफिया संजीव परिया (अब मृत) और उसके करीबी अवधेश मिश्रा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। जमीनों के खेल और अवैध कब्जे के कई मामले इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
ढिलावल क्षेत्र में स्थित करीब 65 बीघा हनुमान ट्रस्ट की जमीन को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इस जमीन पर कब्जे की कोशिशों में माफिया गिरोह और उसके समर्थक सक्रिय रहे हैं। हालिया करंट मौत के बाद जिस तरह से भीड़ जुटी और दो पक्षों में मारपीट व पथराव हुआ, उससे यह सवाल उठ रहा है कि भीड़ को किसने और क्यों उकसाया।
माफिया के खिलाफ कई मामलों में वादी रहे ट्रस्ट के सर्वराकार एकलव्य पर भी घटना के बाद जानलेवा हमला हुआ। हमले में उनका हाथ टूट गया और उनके पुत्र को भी चोटें आईं। दोनों को इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि यह हमला जमीन विवाद और हाल ही में ट्रस्ट के पक्ष में आए न्यायालय के फैसले से जुड़ा है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। करंट से मौत, जमीन विवाद, भीड़ की हिंसा और ट्रस्टी पर हमले सभी पहलुओं को जोड़कर कार्रवाई की जाएगी। इलाके में फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here