नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली, लखनऊ, पटना, देहरादून, चंडीगढ़, गुवाहाटी समेत कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध जताया। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पटना और चंडीगढ़ में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछार की।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से जुड़े मामलों में मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की गई है।
याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों की विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग उठाई गई है।
विवाद के बीच चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमतियों को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने कई फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसी आपत्तियां सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण सहित अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार तय समय में इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी की ओर से पहले ही 48 घंटे का समय दिए जाने की बात कही गई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन, न्यायालय में दाखिल याचिकाओं और विभिन्न संगठनों के आंदोलन के ऐलान से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से अपने फैसलों और प्रक्रिया को लेकर पक्ष रखा जा रहा है।


