वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने तीसरे कार्यकाल में छठवीं बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां काशी एक बार फिर बड़े विकास कार्यों और राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है। बरेका परिसर में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री महिलाओं की बड़ी भागीदारी के बीच संबोधन देंगे और नारी वंदन संशोधन विधेयक को लेकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति इस सम्मेलन को खास बना रही है।
इस दौरान प्रधानमंत्री 6332 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 163 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, शहरी विकास, रेलवे और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम कार्य शामिल हैं, जिनसे पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) को हरी झंडी दिखाकर कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 11 बजे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। एयरपोर्ट से लेकर बरेका और शहर के प्रमुख मार्गों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जबकि प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।
प्रधानमंत्री के दौरे के दूसरे दिन 29 अप्रैल को वह काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन करेंगे। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पीएम मोदी के इस दौरे को न केवल विकास परियोजनाओं की दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। काशी में उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे पूरा शहर उत्सव के माहौल में डूबा नजर आ रहा है।


