मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर STF ने बड़ा प्रहार किया है। मेरठ (Meerut) के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने अवैध तमंचे बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 21 अवैध .315 बोर तमंचे, हथियार बनाने की मशीन और भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान तजम्मुल पुत्र नसीम, निवासी खैरनगर, थाना देहलीगेट, मेरठ के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसे बीएसएनएल ऑफिस से माल रोड जाने वाले रास्ते पर स्थित कूड़ाघर के पास से दबोचा। आरोपी के एक हाथ में बैग और दूसरे हाथ में वेल्डिंग मशीन थी। तलाशी लेने पर बैग से 21 अवैध तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए।
पूछताछ में तजम्मुल ने खुलासा किया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध तमंचे तैयार कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। एक .315 बोर तमंचा 4,000 से 5,000 रुपये में बेचा जाता था। वारदात के समय वह मुजफ्फरनगर जाने के लिए अपने साथियों का इंतजार कर रहा था।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी अपने भाई के घर, जो मेरठ के लालकुर्ती क्षेत्र में किराये पर है, वहीं अवैध तमंचे तैयार करता था। इसके बाद उन्हें मुजफ्फरनगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता था। जांच में सामने आया कि तजम्मुल का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। वर्ष 2022 में एसटीएफ ने उसे 37 अवैध तमंचों के साथ मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर से अवैध हथियारों का कारोबार शुरू कर दिया।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। अब आरोपी के अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की तलाश की जा रही है। आरोपी के खिलाफ मेरठ के लालकुर्ती थाने में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।


