शाम की अघोषित बिजली कटौती पर रोक समेत किसानों ने उठाईं कई समस्याएं
शमशाबाद/कायमगंज, फर्रुखाबाद। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत और जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना के नेतृत्व में किसानों ने शनिवार को छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन कायमगंज के उपजिलाधिकारी को सौंपा। किसानों ने विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग करते हुए शाम के समय होने वाली अघोषित विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
इससे पूर्व भाकियू अराजनैतिक गुट की बैठक तहसील परिसर कायमगंज में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना ने की, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने किया। बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा के बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि अंश निर्धारण में लेखपालों द्वारा लगातार गलतियां की जा रही हैं। शिकायत किए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। किसानों ने उदाहरण देते हुए बताया कि पुष्पेंद्र कुमार पुत्र विजयपाल निवासी अताईपुर कोहना सहित कई किसानों का अंश निर्धारण गलत किया गया है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों ने बिजली विभाग से शाम सात बजे से रात 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। उनका कहना है कि शाम के समय होने वाली अघोषित बिजली कटौती से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान किसानों ने कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त गंदगी की समस्या भी उठाई गई। किसानों ने कहा कि अताईपुर जदीद, अताईपुर कोहना समेत कई गांवों में नालियां और गलियां गंदगी से पटी हुई हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और संबंधित कर्मचारियों द्वारा इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। किसानों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने खाद की कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निजी दुकानों पर यूरिया खाद निर्धारित दर से अधिक कीमत पर 350 से 500 रुपये तक में बेची जा रही है। किसानों ने कहा कि आने वाले समय में आलू समेत अन्य फसलों की बुवाई होनी है। ऐसे में खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाकर किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा किसानों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि कई बार मोबाइल नंबर मांगने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराया गया। किसानों ने कहा कि आपात स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अधिकारियों से संपर्क करने में परेशानी हो सकती है।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वितरित किए जाने वाले बाल पुष्टाहार में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि बच्चों को बाल पुष्टाहार वितरित करने के बजाय उसकी कथित तौर पर बाजार में बिक्री की जा रही है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
भाकियू अराजनैतिक गुट ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन


