नवाबगंज थाना क्षेत्र के महम्मदपुर धनी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना सुबह उस समय सामने आई जब रेलवे कर्मचारी लाइन चेकिंग के लिए निकले थे। महिला का शव रेलवे पोल संख्या 155/21 से 155/22 के बीच तीन टुकड़ों में बंटा हुआ पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
जानकारी के अनुसार शमसाबाद रेलवे स्टेशन के मेट सुरेंद्र सिंह रोजाना की तरह सुबह करीब 5:30 बजे रेलवे लाइन की जांच करने निकले थे। करीब 5:45 बजे उन्होंने ट्रैक पर एक महिला का शव पड़ा देखा। शव की हालत बेहद खराब थी। सुरेंद्र सिंह ने तुरंत इसकी सूचना शमसाबाद स्टेशन मास्टर पुतनलाल को दी। स्टेशन मास्टर ने मामले की जानकारी डायल 112 पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
घटना स्थल पर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। थाना नवाबगंज के दरोगा जगराम और कमलेश पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव खुड़ना बैध निवासी अनूप गंगवार वहां पहुंचे और महिला की पहचान शशि प्रभा (50) के रूप में की। उन्होंने तुरंत यह सूचना मृतका के परिजनों को दी। कुछ ही देर बाद मृतका के पति बृजेश गंगवार भी मौके पर पहुंचे और साड़ी तथा चप्पलों के आधार पर शव की पहचान अपनी पत्नी के रूप में की।
परिजनों के अनुसार शशि प्रभा सुबह करीब 5 बजे घर से निकली थीं। उन्होंने परिवार वालों से गांव के बाहर स्थित नए मकान पर जाने की बात कही थी, लेकिन जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बृजेश गंगवार ने बताया कि उन्होंने शमसाबाद रेलवे स्टेशन पर भी पत्नी को खोजने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके दामाद की मौत हो गई थी, जिसके कारण शशि प्रभा काफी मानसिक तनाव में रहती थीं।
मृतका अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गई हैं, जिनमें बड़ी बेटी दीक्षा (30) और बेटा दीपक (26) शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दरोगा जगराम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और परिजनों से भी आवश्यक जानकारी ली गई है। रेलवे कर्मचारी सुरेंद्र सिंह ने शव को ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा, ताकि रेल यातायात प्रभावित न हो। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


