संतकबीर नगर। जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जिले के 72 पेट्रोल पंपों में से 32 पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि बाकी पंपों पर भी अनियमित आपूर्ति के चलते कभी सुबह तो कभी शाम में तेल खत्म होने की सूचना लगाई जा रही है। ईंधन संकट के कारण आम लोगों से लेकर किसान, व्यापारी और वाहन चालक तक परेशान हैं।
जहां कहीं पेट्रोल या डीजल मिलने की जानकारी मिल रही है, वहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। कई लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना तेल लिए वापस लौटना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मेंहदावल क्षेत्र के दो पेट्रोल पंपों पर तेल वितरण को लेकर मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
ईंधन की कमी का असर अब जनजीवन और विकास कार्यों पर भी दिखने लगा है। किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों में दिक्कत हो रही है, जबकि माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कमी से बाजारों में सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।
वाहन चालकों का आरोप है कि कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है। लोग सुबह से लाइन में लगने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन और तेल कंपनियों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन फिलहाल हालात में सुधार के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण देश के कई हिस्सों में ईंधन संकट गहरा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


