बिजनौर जिले में साइबर अपराध का एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गृहिणी महिला को कथित रूप से कई दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। लगातार धमकियों और डर के माहौल में महिला ने अपनी शादी की सालगिरह से ठीक एक दिन पहले आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली शहर क्षेत्र के गांव फरीदपुर भोगी निवासी 28 वर्षीय मोनिका ने सोमवार रात अपने घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह जब उनकी बेटियां उठीं तो उन्होंने मां को फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन मौके पर पहुंच गए।
परिवार को शुरुआत में यह मामला व्यक्तिगत तनाव या किसी युवक से जुड़े विवाद जैसा लगा, जिसके चलते सामाजिक बदनामी के डर से अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली गई थी। लेकिन अंतिम संस्कार के दौरान अचानक मृतका के मोबाइल पर लगातार कॉल आने लगे, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।
बताया गया कि एक वीडियो कॉल में खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताने वाला व्यक्ति दिखाई दिया, जिससे परिजनों को साइबर फ्रॉड की आशंका हुई। इसके बाद फोन और व्हाट्सएप चैट की जांच में कई संदिग्ध नंबर मिले, जिनसे लगातार धमकी भरे संदेश और कॉल किए जा रहे थे।
तलाशी के दौरान कमरे से एक डायरी में सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग जैसी बातों का जिक्र था। परिजनों का आरोप है कि साइबर ठगों ने खुद को पुलिस और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर महिला को लंबे समय तक डराकर रखा और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने मामले में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी बिजनौर के अनुसार, यह मामला गंभीर साइबर फ्रॉड से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। यह घटना डिजिटल अपराध के बढ़ते खतरे और उसके मानसिक प्रभावों की एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।


