– भवानीपुर से ममता बनर्जी पीछे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताज़ा रुझानों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आंकड़ों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी 76 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी 41 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
सबसे बड़ा राजनीतिक झटका राजधानी कोलकाता की हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर से सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद पीछे चल रही हैं। यहां बीजेपी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं। यह वही सीट है जो ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती रही है और अब यहीं से सत्ता का संतुलन बिगड़ता दिख रहा है।
मुर्शिदाबाद की सियासत में भी बड़ा बदलाव दिख रहा है, जहां बीजेपी के गौरी शंकर घोष बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं हावड़ा उत्तर सीट से बीजेपी के उमेश रॉय आगे चल रहे हैं, जो शहरी वोट बैंक में बदलाव का साफ संकेत है।
दिलचस्प बात यह है कि नई राजनीतिक ताकत ऑल जमीयत उलेमा पार्टी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती दिख रही है। इसके नेता हुमायूं कबीर नौदा सीट से आगे चल रहे हैं और पार्टी एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन होगा। 2011 से लगातार सत्ता में काबिज टीएमसी पहली बार इतने बड़े दबाव में नजर आ रही है।
जमीनी स्तर पर देखें तो ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी सीटों तक बीजेपी की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं का रुझान भी इस बार सत्ता के खिलाफ जाता नजर आ रहा है।
अब सबकी नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है बंगाल की राजनीति में ‘दीदी’ की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और कमल खिलने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार पर संकट: रुझानों में बीजेपी की धमाकेदार बढ़त


