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Monday, May 4, 2026

लखनऊ में सीमेंट व्यापारियों का शक्ति प्रदर्शन सरकार को धन्यवाद के साथ नई मांगों की खुली सूची

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– जीएसटी नियमों पर बड़ा दबाव
लखनऊ। राजधानी में सीमेंट व्यापारियों ने न सिर्फ अपना शक्ति प्रदर्शन किया, बल्कि सरकार के सामने नई मांगों का स्पष्ट एजेंडा भी रख दिया। उ प्र सीमेंट व्यापार संघ के 14वें स्थापना समारोह को इस बार “धन्यवाद स्थापना समारोह” का नाम देकर एक सियासी और आर्थिक संदेश देने की कोशिश की गई।
कार्यक्रम का आयोजन होटल क्लार्कस अवध में लखनऊ सीमेंट डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक मंसानी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें संघ के संरक्षक और भाजपा नेता अजय त्रिपाठी मुन्ना भाई ने संचालन की कमान संभाली।
कार्यक्रम में निवेश को लेकर भी बड़ा संदेश दिया गया। इन्फिनिटी म्यूचुअल फंड के प्रतिनिधि मोहित गुप्ता और तरुण ने व्यापारियों को पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर निवेश के नए विकल्प अपनाने की सलाह दी। उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश को सरल तरीके से समझाते हुए कई डीलर्स को मौके पर ही तैयार कर लिया—जो यह संकेत देता है कि व्यापार अब सिर्फ खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
इस समारोह में सबसे अहम राजनीतिक संदेश “डबल इंजन सरकार” के समर्थन के रूप में सामने आया। व्यापारियों ने टैक्स दर में कमी, टीसीएस खत्म करने और सड़क किनारे भूमि के मिश्रित उपयोग जैसी मांगें पूरी होने पर सरकार का खुलकर धन्यवाद दिया। लेकिन इसी मंच से सरकार पर नया दबाव भी बना ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर चार बड़ी मांगें रख दी गईं।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याममूर्ति गुप्ता ने साफ कहा कि सुधारों के बावजूद कई जगह नई दिक्कतें पैदा हो रही हैं, जिन्हें तुरंत ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने मांग रखी कि टैक्स देयता केवल निर्माता पर हो, टीडीएस की जटिलता खत्म की जाए, व्यापारियों की उधारी रकम को कानूनी सुरक्षा मिले और छोटी गलतियों पर उत्पीड़न बंद किया जाए।
कार्यक्रम में अशोक बाजपेई ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा सकारात्मक सहयोग रहेगा। वहीं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संघ के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही।
फोन के माध्यम से जुड़े भाजपा युवा नेता नीरज सिंह ने दावा किया कि संघ द्वारा रक्षा मंत्री को दी गई अधिकांश मांगों को पूरा करने का प्रयास किया गया है और आगे भी व्यापारियों के हितों की रक्षा की जाएगी।
पूरे कार्यक्रम में एक बात साफ नजर आई सीमेंट व्यापार अब सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि संगठित दबाव समूह बन चुका है, जो सरकार की नीतियों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। आने वाले समय में जीएसटी काउंसिल और राज्य सरकार इन मांगों पर कितना अमल करती है, यह देखना अहम होगा।

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