– गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ समारोह
फर्रुखाबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रातः 9 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिज्ञा दिलाई गई। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जयंती समारोह में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ रामधुन प्रस्तुत की।
समारोह में छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, देशसेवा, सादगी, सत्य, अहिंसा और राष्ट्रहित से जुड़े विचारों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कमजोर एवं निर्बल वर्गों के कल्याण, अंत्योदय, भावनात्मक एकता, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रति दोनों महापुरुषों के विचारों को याद किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सरलता एवं सादगी का प्रतीक रहा है। दोनों महापुरुषों ने अपने विचारों और संदेशों को सहज तरीके से समाज तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ घरों के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विजन के अनुरूप स्वच्छ भारत, स्वच्छ समाज और स्वच्छ घर की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। इसकी शुरुआत अपने घर और आसपास के परिवेश को साफ रखने से होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि हम अपने घर के बाहर कचरा फेंकना बंद कर दें तो कचरा फैलने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल आयोजन का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों, शिक्षाओं और अपने कर्तव्यों को याद करने का अवसर भी है। सभी को इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर समाज और देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को देश के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखते हुए विकास की अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा और सहायता के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और शिक्षाएं आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए जनपदवासियों से दोनों महापुरुषों के विचारों एवं शिक्षाओं का अनुसरण करने का आह्वान किया।
उप जिलाधिकारी न्यायिक सदर दीपक माथुर ने कहा कि गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों एवं शिक्षाओं को अपनाकर समाज और देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में सभी को सहयोग करना चाहिए।
उप जिलाधिकारी अजय पाण्डेय ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार एवं दर्शन देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि गांधीवाद की अवधारणाओं का प्रभाव भारतीय सार्वजनिक जीवन और संविधान के मूल्यों में भी दिखाई देता है। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से तत्कालीन अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजागरण किया।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट वीरेंद्र कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी ने आम जनमानस को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश के जवानों और किसानों के महत्व को रेखांकित किया। दोनों महापुरुषों की शिक्षाएं हमें जनहित और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


