फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर परिवहन विभाग ने सोमवार को सघन प्रवर्तन अभियान चलाया। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में चलाए गए संयुक्त अभियान में ओवरलोड वाहनों, डग्गामार बसों, मानकविहीन नंबर प्लेट और बिना रिफ्लेक्टिव टेप वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान दो ओवरलोड ट्रकों को पकड़कर सीज कर दिया गया तथा उन पर कुल 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं एक डग्गामार बस को भी सीज किया गया, जिस पर 31 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। जांच में पता चला कि बस जयपुर से शाहजहांपुर और बरेली तक यात्रियों का अवैध परिवहन कर रही थी।
प्रवर्तन टीम ने बिना नंबर प्लेट, मानकविहीन, विकृत और अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले 26 वाहनों का चालान किया। इनमें से 13 वाहनों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा बिना रिफ्लेक्टिव टेप संचालित हो रहे सात वाहनों को भी सीज किया गया। आवश्यक रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाने के बाद ही इन वाहनों को छोड़ा गया।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने कुल लगभग 2.95 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। अधिकारियों ने वाहन स्वामियों और चालकों से वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुसार रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार रात्रि में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में रिफ्लेक्टिव टेप की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नियमानुसार वाहनों के आगे सफेद, दोनों किनारों पर पीले तथा पीछे लाल रंग का रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य है। बिना रिफ्लेक्टिव टेप वाहन संचालन पर 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में परिवहन विभाग का प्रवर्तन अभियान लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग ने चालान के मासिक लक्ष्य 300 के सापेक्ष अब तक 858 वाहनों के चालान कर 286 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वहीं 150 वाहनों को सीज करने के लक्ष्य के मुकाबले 177 वाहनों पर कार्रवाई कर 118 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है।
इसके अलावा प्रशमन शुल्क के मद में 36 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 46.71 लाख रुपये की वसूली कर 129.75 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर फर्रुखाबाद का प्रवर्तन दल पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ओवरलोडिंग, अवैध यात्री परिवहन और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगे भी इसी तरह सघन अभियान जारी रहेगा।


