मोतिहारी: पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी अंतर्गत आदापुर थाना क्षेत्र में इन दिनों साइबर अपराधियों (Cyber criminals) और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई एक बड़ी संयुक्त छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड (Fake Aadhaar card) बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से भारतीय और नेपाली नागरिकों के फर्जी पहचान पत्र तैयार कर रहे थे।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर आदापुर थाना पुलिस ने क्षेत्र की कई संदिग्ध साइबर कैफे और कंप्यूटर दुकानों पर औचक निरीक्षण व छापेमारी की। इस अभियान के दौरान पुलिस दल ने बिशनपुरवा गांव स्थित ‘चौरसिया ऑनलाइन दुकान’ पर धावा बोला। दुकान की तलाशी के दौरान वहां अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से दुकान के संचालक राम विनय चौरसिया (पिता: प्रेम प्रसाद) को गिरफ्तार कर लिया।
प्राथमिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी काफी समय से एक विशेष मोबाइल/कंप्यूटर एप्लीकेशन और अनाधिकृत ‘डी-प्रिंट पोर्टल’ का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहा था। इस पोर्टल के माध्यम से वह भारतीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी (विशेषकर नेपाली) नागरिकों के भी फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज तैयार कर रहा था।
बिशनपुरवा गांव में मिली सफलता के बाद पुलिस टीम ने आदापुर बाजार क्षेत्र में अपनी दबिश बढ़ाई। आदापुर बाजार स्थित ‘वर्षा कंप्यूटर दुकान’ पर भी पुलिस ने औचक छापेमारी की। इस दूसरी दुकान पर भी फर्जी आधार कार्ड निर्माण का अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिस ने यहां से भी एक अन्य व्यक्ति को फर्जी आधार कार्ड बनाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
पुलिस अनुसंधान में यह हैरान करने वाला तथ्य सामने आया है कि यह पूरा अवैध नेटवर्क बेहद सस्ते दामों पर राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान से खिलवाड़ कर रहा था। आरोपी महज 300 रुपये की मामूली रकम लेकर ग्राहकों को हूबहू दिखने वाले फर्जी आधार कार्ड प्रिंट करके देते थे। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध सिम कार्ड खरीदने, बैंक खाते खुलवाने या अन्य संदिग्ध गतिविधियों में किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ आदापुर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मोतिहारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में स्थानीय पुलिस अब इस पूरे फर्जी आधार नेटवर्क की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार अन्य किन-किन इलाकों से जुड़े हैं और इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं। अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


