लखनऊ
छपरा से गोमतीनगर आने वाली ट्रेन में युवती के शव के टुकड़े मिलने के मामले ने पुलिस जांच को नया मोड़ दे दिया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि युवती की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई थी और शव के टुकड़ों को पहचान छिपाने के उद्देश्य से अलग-अलग पैक कर ट्रेन में रखा गया। पुलिस को आशंका है कि हत्यारों ने शव को बक्से में भरकर उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। घटना सामने आने के बाद रेलवे पुलिस, आरपीएफ और स्थानीय एजेंसियां लगातार मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
जीआरपी की तीन विशेष टीमों ने सोमवार को बिहार के कई रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें छपरा, छपरा कचहरी, मरहौरा, मसरख, राजापत्ती, दिघवा दुबौली, सिधवालिया, गोपालगंज और थावे स्टेशन शामिल रहे। हालांकि इन स्टेशनों की फुटेज में कहीं भी संदिग्ध बक्सा रखते हुए कोई व्यक्ति नजर नहीं आया। इसके बाद जांच का फोकस उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा दिया गया। अब पुलिस टीम कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन से लेकर लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन तक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बक्सा आखिर ट्रेन में कब और कहां रखा गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। छपरा से गोमतीनगर तक ट्रेन में आरपीएफ की एक और जीआरपी की दो एस्कॉर्ट टीमें तैनात थीं। इसके बावजूद किसी को इस बक्से पर संदेह नहीं हुआ। जीआरपी अब ट्रेन की एस-1 बोगी में सफर कर रहे यात्रियों से पूछताछ कर रही है। यात्रियों के अनुसार शनिवार देर रात करीब एक बजे शौचालय के पास एक बक्सा रखा दिखाई दिया था, लेकिन रात अधिक होने के कारण किसी ने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर स्टेशन पहुंची और बक्सा खोला गया, तब उसमें शव के टुकड़े मिलने से स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या बेहद नफरत और बदले की भावना के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार जिस तरीके से शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग किया गया, उससे साफ प्रतीत होता है कि हत्यारे युवती की पहचान पूरी तरह मिटाना चाहते थे। शुरुआती जांच में अवैध संबंध, पारिवारिक विवाद या कथित इज्जत के नाम पर हत्या जैसी आशंकाएं भी सामने आ रही हैं। पुलिस को यह भी शक है कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं, क्योंकि शव के टुकड़े करना और उन्हें ट्रेन तक पहुंचाना अकेले व्यक्ति के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
युवती की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शव की पहचान के लिए जीआरपी ने बायोमीट्रिक मिलान कराने का प्रयास किया, लेकिन शरीर के टुकड़े होने और रक्त प्रवाह सूख जाने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस अब आसपास के जिलों और राज्यों से गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाल रही है। रेलवे पुलिस अधीक्षक Rohit Mishra ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हत्या की इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर लिया जाएगा।


