एटा।प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चकबंदी विभाग के लेखपाल हरिओम सिंह को निलंबित कर दिया है। मामला जलेसर तहसील का है, जहां तैनात लेखपाल पर एक किसान से ₹20,000 की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा।
पूरा मामला तब तूल पकड़ गया जब ऑनलाइन लेनदेन का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ और इसके साथ ही बातचीत का ऑडियो क्लिप भी सामने आया, जिसमें कथित तौर पर पैसे की मांग और लेनदेन की पुष्टि होती सुनाई दी। यह डिजिटल सबूत प्रशासन के लिए निर्णायक साबित हुए।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित किसानों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया गया कि जमीन से जुड़े काम के बदले पैसे की मांग की जा रही है। शिकायत मिलते ही डीएम ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए।
जांच के शुरुआती तथ्यों में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई की गई। साथ ही लेखपाल को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो सके। प्रशासन ने संकेत दिया है कि मामले में आगे विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
घूसखोरी पर डीएम का बड़ा प्रहार: चकबंदी लेखपाल निलंबित


