एटा
अलीगंज तहसील परिसर में एसडीएम न्यायालय के कार्य बहिष्कार को लेकर अधिवक्ताओं के दो गुटों के बीच विवाद गहरा गया, जिससे पूरे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बहिष्कार के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी बहस के बीच हंगामे जैसे हालात पैदा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
बताया गया कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य के नेतृत्व वाले गुट ने एसडीएम न्यायालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालय में जमानत, हलफनामा और प्रार्थना पत्र जैसी प्रक्रियाओं में अवैध धनराशि ली जा रही है, साथ ही लंबे समय से एक ही कोर्ट मुहर्रिर की तैनाती भी संदेह के घेरे में है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय में सभी कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिवक्ता दबाव बनाकर नियम विरुद्ध कार्य कराना चाहते हैं और इसी कारण विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। दोनों गुटों के बीच विवाद उस समय और बढ़ गया, जब एक पक्ष ने दूसरे पर धमकी देने के आरोप लगाए।
प्रमोद कुमार मिश्रा ने अलीगंज थाना पुलिस को शिकायत देकर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर स्थिति को शांत कराया गया।
बार एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में अधिकारियों को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग अधिवक्ताओं पर दबाव बनाकर जबरन हड़ताल में शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष अमरीश सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी देखरेख में कोई बैठक नहीं हुई और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
सीओ अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नई और पुरानी तहसील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पूरे मामले की निगरानी की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


