नई दिल्ली/ओटावा। भारत से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर कनाडा में एक बार फिर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कनाडा के एबॉट्सफोर्ड पुलिस स्टेशन को भेजे गए एक कथित धमकी भरे पत्र ने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है। पत्र में पूरे कनाडा में फायरिंग, उगाही और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की चेतावनी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार धमकी भरे पत्र में दावा किया गया है कि गैंग के लिए करीब 1,000 शूटर तैयार हैं, जो जरूरत पड़ने पर विभिन्न शहरों में कार्रवाई कर सकते हैं। पत्र सामने आने के बाद कनाडाई पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि एबॉट्सफोर्ड पुलिस, संघीय जांच एजेंसियां और अन्य सुरक्षा इकाइयां मिलकर पत्र की सत्यता, उसके स्रोत और संभावित खतरे का आकलन कर रही हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इस घटनाक्रम ने कनाडा की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। विपक्ष का कहना है कि गैर-नागरिक अपराधी नेटवर्क खुलेआम सक्रिय हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बन रहा है।
विपक्षी नेताओं ने यह भी दावा किया कि कई क्षेत्रों में लोगों को धमकियां मिलने, गोलाबारी की घटनाओं और उगाही के मामलों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से संगठित अपराध के खिलाफ कठोर रणनीति अपनाने की मांग की है।
उधर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि धमकी वास्तविक है तो यह कनाडा की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकती है। वहीं जांच एजेंसियां फिलहाल सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और आधिकारिक पुष्टि होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही हैं।
कनाडा में बढ़ती गैंगवार, उगाही और संगठित अपराध की घटनाओं के बीच यह मामला अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और सरकारी प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


