41 C
Lucknow
Monday, May 18, 2026

केरलम की सत्ताधीश बने वीडी सतीशन

Must read

– 10 साल बाद कांग्रेस नीत यूडीएफ की वापसी

यूथ इंडिया संवाददाता
तिरुवनंतपुरम। दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव करते हुए कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल में सत्ता पर वापसी कर ली है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी . डी . सतीशन ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में पिछले 10 वर्षों से सत्ता पर काबिज वाम मोर्चे का शासन समाप्त हो गया।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे , राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। समारोह में हजारों की संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता पहुंचे, जिससे राजधानी में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं सत्तारूढ़ एलडीएफ को करारी हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है।
वीडी सतीशन लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उन्होंने राज्य सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने बेरोजगारी, वित्तीय संकट, स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी विकास जैसे बड़े मुद्दे चुनौती बनकर खड़े हैं।
नई सरकार में कुल 21 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रशासनिक पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन उसकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वीडी सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी और विकास के साथ सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केरल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
केरल में सत्ता परिवर्तन को कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दक्षिण भारत में कांग्रेस की यह जीत पार्टी को नई ऊर्जा देने का काम करेगी, वहीं विपक्षी दलों के लिए भी नए राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकती है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article